बिहार फोटो स्टोरी
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बिहार10पुनौरा धाम: जहां की मिट्टी ने दी भारत को मां जानकी
मिथिला की पावन धरती सिर्फ अपनी संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि माता सीता से जुड़े अपने गहरे धार्मिक इतिहास के लिए भी प्रसिद्ध है. बिहार के सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम को धार्मिक मान्यता में माँ जानकी की जन्मभूमि माना जाता है. मान्यता है कि राजा जनक जब यज्ञ के लिए भूमि तैयार करते हुए हल चला रहे थे, तभी हल की रेखा से एक दिव्य कन्या प्रकट हुईं. यही कन्या आगे चलकर सीता, जानकी, मैथिली और वैदेही के नाम से प्रसिद्ध हुईं. आज पुनौरा धाम का जानकी मंदिर और सीता कुंड उस प्राचीन आस्था की जीवंत पहचान हैं. आइए जानते हैं उस पावन धाम की कहानी, जहां मिट्टी, मातृत्व और मिथिला की संस्कृति एक साथ दिखाई देती है.
बिहार8मंदार पर्वत: समुद्र मंथन से वासुपूज्य तक, आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम
बिहार के बांका जिले में स्थित मंदार पर्वत सिर्फ एक पहाड़ नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और पौराणिक कथाओं का अनोखा संगम है. हिंदू मान्यता में इसे समुद्र मंथन की मथानी माना जाता है, तो जैन धर्म में यह भगवान वासुपूज्य स्वामी से जुड़ा पवित्र स्थल है. पर्वत की चट्टानों, मंदिरों और आसपास के धार्मिक स्थलों से जुड़ी कई कहानियां आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं. पापहरणी सरोवर से लेकर पर्वत के शिखर तक, मंदार की हर जगह अपने अंदर एक अलग कहानी समेटे हुए है. आइए जानते हैं इस खास पर्वत से जुड़ी धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में.
बिहार5LNMI के ‘आगाज-2026’ में युवाओं को मिला विकसित बिहार का संदेश
बिहार के युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और संकल्प राज्य के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है. इसी उद्देश्य के साथ LNMI द्वारा आयोजित ‘आगाज-2026’ इंडक्शन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद किया गया. कार्यक्रम के दौरान युवाओं को शिक्षा के साथ कौशल, नवाचार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जिम्मेदारी को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. विद्यार्थियों से आह्वान किया गया कि वे अपने सपनों को पूरा करने के साथ अपनी जन्मभूमि बिहार की प्रगति और समृद्धि में भी योगदान दें. युवाओं की मेहनत, प्रतिभा और सकारात्मक सोच से बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है.
बिहार6बिहार की खेती को मिलेगा नई तकनीक का सहारा, ICRISAT पहुंचे कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा
बिहार की खेती को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक शोध से जोड़ने की दिशा में सरकार ने एक अहम कदम उठाया है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हैदराबाद स्थित ICRISAT का दौरा कर कृषि अनुसंधान, मिलेट्स की खेती, बेहतर बाजार और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की. इस दौरान किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने और मिलेट्स को बाजार से जोड़ने पर खास जोर दिया गया.
बिहार8बिहार में गूंजा देशभक्ति का रंग, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निकाली भव्य तिरंगा यात्रा
पटना में देशभक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला, ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई. हाथों में तिरंगा, देशभक्ति के नारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि और आम लोग यात्रा में शामिल हुए. पूरे रास्ते राष्ट्रगौरव और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिखाई दिया. मुख्यमंत्री ने बिहारवासियों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और तिरंगे की गरिमा व सम्मान की रक्षा करने की अपील की.
बिहार6मां जानकी की जन्मभूमि में विकास को नई रफ्तार, 2028 तक तैयार होगा भव्य मंदिर
मां जानकी की जन्मभूमि पुनौराधाम अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है. यहां भव्य मां जानकी मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जिसे 31 दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मंदिर के साथ श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. इससे पुनौराधाम की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी. साथ ही, यहां धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
बिहार6बिहार में तेज होगी विकास की रफ्तार, सड़क-पुल परियोजनाओं को ₹21 हजार करोड़ की सौगात
बिहार में सड़क और पुलों के विकास को अब बड़ी मजबूती मिलने जा रही है. राज्य सरकार और नाबार्ड के बीच 21 हजार करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण को लेकर समझौता हुआ है. इस राशि से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण की परियोजनाओं को गति मिलेगी. सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का आवागमन आसान होगा और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
बिहार8गया का विष्णुपद मंदिर: जहां भगवान विष्णु के चरणों से मिली मोक्ष की राह
बिहार के गया में स्थित विष्णुपद मंदिर केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और पौराणिक मान्यताओं का अद्भुत संगम है. मान्यता है कि यहीं भगवान विष्णु के चरणों का पवित्र पदचिह्न अंकित है, जिसने गया को मोक्षधाम की पहचान दिलाई. गयासुर की कथा, पिंडदान की परंपरा और भगवान श्रीराम से जुड़ी मान्यताओं के कारण यह मंदिर आज भी लाखों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.
बिहार9मधुश्रावणी: मिथिला की सदियों पुरानी संस्कृति और सुहाग का महापर्व
मधुश्रावणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मिथिला की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है. विवाह के बाद पहले सावन में मनाया जाने वाला यह 15 दिवसीय लोकपर्व नवदंपति के सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना का प्रतीक है. शिव-पार्वती की आराधना, नाग-नागिन की पूजा, लोकगीत और पारंपरिक रस्में इस पर्व को बेहद खास बनाती हैं.
बिहार8बिहार की लोकगायिका मोहिनी देवी: जिनकी आवाज़ ने लोकसंगीत को दी नई पहचान
बिहार की लोकसंगीत परंपरा सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत स्वरूप है. इस विरासत को अपनी मधुर आवाज़ और समर्पण से नई पहचान देने वाली महान लोकगायिकाओं में मोहिनी देवी का नाम विशेष सम्मान के साथ लिया जाता है. आरा की धरती से शुरू हुआ उनका संगीत सफर पटना आकाशवाणी, देश के प्रतिष्ठित मंचों और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा. उन्होंने केवल लोकगीत नहीं गाए, बल्कि बिहार की संस्कृति, परंपरा और लोकधुनों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का जीवनभर प्रयास किया. आइए जानते हैं बिहार की इस अनमोल लोकगायिका की प्रेरणादायक कहानी.
बिहार6पटना में शुरू हुई आधुनिक स्टीमर सेवा, गंगा पार करना हुआ आसान
गंगा के रास्ते विकास की नई रफ्तार, पटना के दानापुर में नासरीगंज घाट से पानापुर घाट तक आधुनिक और निःशुल्क स्टीमर (फेरी) सेवा शुरू हो गई है. यह पहल दियारा क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए सुरक्षित, तेज और आसान आवागमन का नया विकल्प बनेगी. साथ ही किसानों, व्यापारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी.
बिहार6बिहार को मिली बड़ी औद्योगिक सौगात, गया में बनेगा 6 हजार करोड़ का स्टील प्रोजेक्ट
बिहार में औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है. गया जिले में लगभग ₹6,000 करोड़ की लागत से एक बड़े एकीकृत इस्पात (Large Integrated Steel Project) संयंत्र की स्थापना की जाएगी. इस परियोजना के लिए उद्योग विभाग और महाशक्ति ग्रुप के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. यह निवेश न केवल बिहार में उद्योगों को नई गति देगा, बल्कि हजारों रोजगार के अवसर पैदा कर राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा.
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