PHOTO STORIES

फोटो स्टोरी

तस्वीरों के जरिए पढ़ें खास खबरें

कौन हैं भगवान जगन्नाथ की 'मौसी'? जानिए गुंडिचा देवी की पूरी कहानीधर्म-कर्म8

कौन हैं भगवान जगन्नाथ की 'मौसी'? जानिए गुंडिचा देवी की पूरी कहानी

हर साल निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक भव्य धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, आस्था और पारिवारिक रिश्तों का अद्भुत प्रतीक भी है. इस यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा श्रीमंदिर से निकलकर गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं, जिसे भक्त भगवान का 'मायका' मानते हैं. मान्यता है कि यहां भगवान अपनी प्रिय 'मौसी' गुंडिचा देवी से मिलने आते हैं. आखिर गुंडिचा देवी कौन थीं, उन्हें भगवान की 'मौसी' क्यों कहा जाता है और इस परंपरा के पीछे कौन-कौन सी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं? आइए जानते हैं इस अनोखी और सदियों पुरानी कथा के बारे में.

70 ViewsRead
बिहार के हर घर की छिपी आस्था: कुलदेवताओं की सदियों पुरानी परंपराबिहार10

बिहार के हर घर की छिपी आस्था: कुलदेवताओं की सदियों पुरानी परंपरा

बिहार की धरती केवल प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और महान परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी गहरी लोक आस्था और कुलदेवता परंपरा के लिए भी जानी जाती है. आज भी यहाँ लाखों परिवार अपने कुलदेवता और लोकदेवताओं को परिवार का अदृश्य रक्षक मानते हैं. हर शुभ कार्य, विवाह, नई फसल, गृह प्रवेश या किसी बड़े निर्णय से पहले सबसे पहले इन्हीं का स्मरण किया जाता है. यह परंपरा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वजों के प्रति सम्मान, परिवार की एकता और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवित रखने का सबसे सुंदर माध्यम है. आइए जानते हैं बिहार के उन कुलदेवताओं और लोकदेवताओं के बारे में, जिनकी आस्था आज भी हर घर और हर पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े हुए है.

71 ViewsRead
भारत की 10 जनजातीय चित्रकलाएं, जिनकी कला पर दुनिया करती है नाज़National10

भारत की 10 जनजातीय चित्रकलाएं, जिनकी कला पर दुनिया करती है नाज़

भारत की जनजातीय चित्रकलाएं केवल रंगों और आकृतियों का मेल नहीं, बल्कि सदियों पुरानी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति से जुड़े जीवन का जीवंत दस्तावेज हैं. देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाली जनजातियों ने अपनी आस्था, रीति-रिवाज, त्योहार, लोककथाओं और दैनिक जीवन को चित्रों के माध्यम से संजोकर रखा है. मिट्टी, पत्थर, पेड़ों की छाल, फूलों और प्राकृतिक रंगों से बनाई जाने वाली ये कलाएं आज भी अपनी मौलिकता और खूबसूरती के लिए दुनिया भर में सराही जाती हैं. इन अनमोल कलाओं की विशिष्ट पहचान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए कई जनजातीय चित्रकलाओं को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) भी प्रदान किया गया है. आइए जानते हैं भारत की ऐसी 10 प्रसिद्ध जनजातीय चित्रकलाओं के बारे में, जो अपनी अनूठी शैली, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के कारण देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं.

88 ViewsRead
मोबाइल से पहले बच्चों की पहली पसंद थे ये देसी खेल, आज बन गए यादेंस्पोर्टस9

मोबाइल से पहले बच्चों की पहली पसंद थे ये देसी खेल, आज बन गए यादें

एक समय था जब बच्चों के हाथों में मोबाइल नहीं, बल्कि सपने और शरारतें होती थीं. स्कूल की छुट्टी होते ही पूरा गांव, मोहल्ला और हर गली बच्चों की हंसी से गूंज उठती थी. मैदान ही उनका सबसे बड़ा खेल का मैदान होता था, जहां डेगा पानी, आओका पानी, डालो पत्तो, किट-किट, हाथ ताली, चोर-सिपाही, गोली-कंचा, लुका-छिपी और छुआ-छुई जैसे देसी खेल रोज़ खेले जाते थे. इन खेलों में न कोई महंगे खिलौने थे, न इंटरनेट और न ही वीडियो गेम, फिर भी खुशियों की कोई कमी नहीं थी. ये खेल बच्चों को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं देते थे, बल्कि दोस्ती, टीमवर्क, फुर्ती, धैर्य, आत्मविश्वास और मिल-जुलकर रहने की सीख भी सिखाते थे. आज समय बदल गया है, लेकिन इन पारंपरिक खेलों की यादें आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं और सुनहरे बचपन की सबसे खूबसूरत निशानी बनकर हमेशा मुस्कुराने की वजह देती हैं

77 ViewsRead
जय जगरनाथ !  भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा से भक्तिमय हुआ रांचीझारखंड10

जय जगरनाथ ! भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा से भक्तिमय हुआ रांची

रांची भगवान जगन्नाथ की भक्ति में पूरी तरह डूबी हुई है. जगन्नाथपुर मंदिर से निकलने वाली ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. शाम 5 बजे भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर मौसीबाड़ी के लिए रवाना हुए . आइए जानते हैं रांची में रथयात्रा कैसे निकली और पूरे दिन क्या-क्या खास हुआ.

98 ViewsRead
'3 Idiots' से लद्दाख आंदोलन तक:  कौन है सोनम वांगचुकNational11

'3 Idiots' से लद्दाख आंदोलन तक: कौन है सोनम वांगचुक

सोशल मीडिया पर इन दिनों सोनम वांगचुक का नाम लगातार चर्चा में है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लद्दाख के एक छोटे से गांव में जन्मे इस साधारण बच्चे ने शिक्षा, विज्ञान, पर्यावरण और समाज के लिए ऐसा क्या किया कि आज पूरा देश उनकी बात कर रहा है? आइए जानते है, उनके बचपन के संघर्ष, SECMOL की शुरुआत, Ice Stupa जैसे अनोखे नवाचार, 3 Idiots से उनका संबंध, मिले बड़े सम्मान और लद्दाख के अधिकारों के लिए किए गए आंदोलन की पूरी जानकारी .

62 ViewsRead
बिहार के हर घर की कभी पहचान थे ये 10 देसी सामान, क्या आपको हैं याद?बिहार10

बिहार के हर घर की कभी पहचान थे ये 10 देसी सामान, क्या आपको हैं याद?

एक समय था जब बिहार के हर घर में सिल-बट्टे की आवाज़ गूंजती थी, मिट्टी के घड़े का ठंडा पानी मेहमानों का स्वागत करता था, लालटेन की रोशनी से घर जगमगाता था और चारपाई पर पूरा परिवार एक साथ बैठकर सुख-दुख बांटता था। उस दौर में ये देसी सामान सिर्फ रोजमर्रा के उपयोग की चीजें नहीं थे, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, आत्मनिर्भरता और सादगी भरे जीवन की पहचान थे. समय के साथ आधुनिक उपकरणों ने इनकी जगह जरूर ले ली, लेकिन इनसे जुड़ी यादें आज भी हर बिहारी के दिल में उतनी ही ताजा हैं. आइए जानते हैं बिहार के उन 10 पारंपरिक सामानों के बारे में, जो कभी हर घर की शान और पहचान हुआ करते थे.

82 ViewsRead
बिहार ने दुनिया को क्या दिया? जानिए 10 ऐसी देन, जिन्होंने बदल दिया इतिहासबिहार10

बिहार ने दुनिया को क्या दिया? जानिए 10 ऐसी देन, जिन्होंने बदल दिया इतिहास

भारत के इतिहास में बिहार केवल एक राज्य नहीं, बल्कि विश्व सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण जन्मस्थलियों में से एक रहा है. इसी धरती ने दुनिया को लोकतंत्र की शुरुआती मिसाल, ज्ञान का सबसे बड़ा केंद्र, महान धर्म, गणित की क्रांतिकारी खोजें, कुशल शासन की नीतियां और सत्य-अहिंसा का मार्ग दिया. प्राचीन पाटलिपुत्र से लेकर नालंदा, वैशाली, बोधगया और चंपारण तक, बिहार ने ऐसे विचार और व्यक्तित्व दिए जिन्होंने पूरी मानव सभ्यता की दिशा बदल दी. आइए जानते हैं कि बिहार ने दुनिया को कौन-कौन सी अमूल्य विरासत दी.

111 ViewsRead
श्रावणी मेले से हिजला तक: जानिए झारखंड के सबसे बड़े और प्रसिद्ध मेलेझारखंड10

श्रावणी मेले से हिजला तक: जानिए झारखंड के सबसे बड़े और प्रसिद्ध मेले

झारखंड के मेले सिर्फ भीड़ नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं की कहानी हैं. यहां हर मेला किसी न किसी आस्था, संस्कृति और लोकजीवन से जुड़ा है. यही वजह है कि हर साल लाखों लोग इन मेलों का हिस्सा बनने दूर-दूर से पहुंचते हैं. आइए जानते हैं राज्य के 10 सबसे प्रसिद्ध मेलों के बारे में.

136 ViewsRead
बिहार के 10 प्रसिद्ध त्योहार – क्यों और कैसे मनाए जाते हैं?बिहार10

बिहार के 10 प्रसिद्ध त्योहार – क्यों और कैसे मनाए जाते हैं?

बिहार भारत का एक सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से समृद्ध राज्य है. यहाँ अनेक त्योहार पूरे उत्साह, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाए जाते हैं. ये पर्व लोगों की आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक हैं. प्रत्येक त्योहार का अपना धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है. छठ पूजा से लेकर तीज तक, हर पर्व बिहार की अनूठी पहचान को दर्शाता है. आइए बिहार के प्रमुख त्योहारों के बारे में संक्षेप में जानते हैं.

59 ViewsRead
45 साल के हुए माही. जानिए कैसे रांची का एक लड़का बना भारत का सबसे सफल कप्तान.स्पोर्टस10

45 साल के हुए माही. जानिए कैसे रांची का एक लड़का बना भारत का सबसे सफल कप्तान.

महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल और सम्मानित खिलाड़ियों में से एक हैं. साधारण परिवार से निकलकर विश्व क्रिकेट के शिखर तक पहुँचने वाला उनका सफर संघर्ष, मेहनत, धैर्य और नेतृत्व का अद्भुत उदाहरण है. एक साधारण युवक से लेकर विश्व विजेता कप्तान बनने तक की उनकी कहानी आज भी करोड़ों युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा देती है.

150 ViewsRead
बोल बम यात्रा: क्यों जाते हैं शिवभक्त देवघर? जानिए इतिहास, मान्यता  की पूरी कहानीझारखंड8

बोल बम यात्रा: क्यों जाते हैं शिवभक्त देवघर? जानिए इतिहास, मान्यता की पूरी कहानी

सावन का महीना आते ही 'बोल बम' के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो उठता है. करोड़ों श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक कठिन पैदल यात्रा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह यात्रा क्यों की जाती है, इसकी शुरुआत कैसे हुई और इसकी धार्मिक मान्यता क्या है? आइए जानते हैं बोल बम यात्रा.

134 ViewsRead