बिहार में तेज होगी विकास की रफ्तार, सड़क-पुल परियोजनाओं को ₹21 हजार करोड़ की सौगात

  • August 8, 2026 12:04 pm
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बिहार में सड़क और पुलों के विकास को अब बड़ी मजबूती मिलने जा रही है. राज्य सरकार और नाबार्ड के बीच 21 हजार करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण को लेकर समझौता हुआ है. इस राशि से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण की परियोजनाओं को गति मिलेगी. सरकार का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का आवागमन आसान होगा और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

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बिहार में सड़क और पुल के विकास को अब नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है. राज्य में बेहतर सड़क संपर्क और मजबूत पुलों के निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक यानी नाबार्ड के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत सड़क एवं पुल परियोजनाओं के लिए 21 हजार करोड़ रुपये का दीर्घकालिक वित्त पोषण उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन ने MoU पर हस्ताक्षर किया. सरकार का कहना है कि इस वित्तीय सहयोग से खासकर ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुल निर्माण की योजनाओं को मजबूती मिलेगी.

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इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है. राज्य के कई ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत लंबे समय से महसूस की जाती रही है. 21 हजार करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण से नई सड़कों और पुलों के निर्माण के साथ जरूरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत सड़क और पुल किसी भी राज्य के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं. बेहतर सड़क संपर्क से गांवों से शहरों तक लोगों का आवागमन आसान होगा. इसके साथ ही किसानों, छोटे कारोबारियों और स्थानीय व्यापार को भी फायदा मिल सकता है. सड़क नेटवर्क मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी जरूरी सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी बेहतर हो सकती है.

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सड़क और पुल निर्माण जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन जरूरी होते हैं. नाबार्ड के साथ हुए इस समझौते से बिहार की सड़क एवं पुल परियोजनाओं को लंबे समय के लिए वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता मजबूत हुआ है. सरकार के अनुसार, इस फंडिंग से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सकेगी. मुख्यमंत्री ने नाबार्ड के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि बिहार के विकास में बैंक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह सहयोग जारी रहने की उम्मीद जताई. वहीं, नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन ने कहा कि बिहार तेजी से विकास कर रहा है और राज्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए नाबार्ड हर संभव सहयोग करेगा.

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मजबूत सड़क और पुल केवल आवागमन को आसान नहीं बनाते, बल्कि आर्थिक विकास में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं. बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों का सड़क नेटवर्क मजबूत होने से लोगों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और दूसरे जरूरी स्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी. इसके साथ ही स्थानीय कारोबार और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है. सरकार का मानना है कि 21 हजार करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण से सड़क एवं पुल परियोजनाओं के लिए वित्तीय व्यवस्था और मजबूत होगी. इससे राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को गति मिलने की उम्मीद है. बेहतर कनेक्टिविटी का असर रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होने से गांवों और शहरों के बीच दूरी कम करने में मदद मिलेगी.

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समझौता समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘नाबार्ड इन बिहार’ पुस्तक का विमोचन भी किया. यह कार्यक्रम केवल सड़क और पुल परियोजनाओं से जुड़ा नहीं रहा, बल्कि बिहार की पारंपरिक कला और शिल्प को भी सम्मान दिया गया. समारोह में राज्य की अलग-अलग पारंपरिक कलाओं के लिए कलाकारों को जीआई प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया. भोजपुर के संजीव सिन्हा को पिदिया पेंटिंग, गया के रविंद्र नाथ गौड को पत्थर कट्टी कला और नालंदा की बावन बूटी कला के लिए सुरेश देव को जीआई प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया. इस पहल के जरिए बिहार की पारंपरिक कला और स्थानीय कारीगरों की पहचान को भी मंच मिला. सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देना भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा रहा.

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21 हजार करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण का यह समझौता बिहार के बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सड़क और पुल परियोजनाओं को पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलने से राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में काम तेज हो सकता है. खासकर ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही आसान होगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सहित नाबार्ड और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार और नाबार्ड ने बिहार के आधारभूत ढांचे के विकास में आगे भी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई. अब इस समझौते के जरिए सड़क और पुल परियोजनाओं के जमीन पर तेजी से उतरने की उम्मीद है.