मधुश्रावणी: मिथिला की सदियों पुरानी संस्कृति और सुहाग का महापर्व
मधुश्रावणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि मिथिला की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है. विवाह के बाद पहले सावन में मनाया जाने वाला यह 15 दिवसीय लोकपर्व नवदंपति के सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना का प्रतीक है. शिव-पार्वती की आराधना, नाग-नागिन की पूजा, लोकगीत और पारंपरिक रस्में इस पर्व को बेहद खास बनाती हैं.
















