देश की पहली महिला Army ADC बनीं मेजर नव्या शेखावत, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ निभाएंगी अहम जिम्मेदारी....

  • September 12, 2026 9:52 pm
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CDS परीक्षा पास करने से लेकर भारतीय सेना में अधिकारी बनने और फिर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने का सफर मेजर नव्या शेखावत की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की कहानी है. 2021 में Army Service Corps में कमीशन होने के बाद उन्होंने लगातार अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया और जुलाई 2026 में Major के पद तक पहुंचीं. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की Aide-de-Camp (ADC) के रूप में उनकी नियुक्ति ने उन्हें इतिहास में खास जगह दिलाई. राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और प्रोटोकॉल से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाते हुए मेजर नव्या ने भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की एक नई मिसाल पेश की है. उनकी यह उपलब्धि देश की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो वर्दी पहनकर राष्ट्रसेवा का सपना देखती हैं.

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मेजर नव्या शेखावत ने भारतीय सेना में एक नई मिसाल कायम की है. वह भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के Aide-de-Camp (ADC) के रूप में नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी उपलब्धि नहीं, बल्कि सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और नेतृत्व क्षमता को भी दर्शाती है. राष्ट्रपति के साथ ADC के रूप में काम करना बेहद प्रतिष्ठित जिम्मेदारी मानी जाती है. इस भूमिका में अनुशासन, आत्मविश्वास, शिष्टाचार और प्रोटोकॉल की गहरी समझ जरूरी होती है. नव्या की यह उपलब्धि देश की कई युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है.

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मेजर नव्या शेखावत का सैन्य सफर आसान नहीं था. उन्होंने सबसे पहले Combined Defence Services यानी CDS परीक्षा को सफलतापूर्वक पास किया. यह परीक्षा भारतीय सेना में अधिकारी बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण रास्ता है. CDS के बाद नव्या ने चेन्नई स्थित Officers Training Academy यानी OTA में कठोर सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया. यहां उन्हें सैन्य अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक फिटनेस, टीमवर्क और जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण गुणों के लिए तैयार किया गया. प्रशिक्षण के इस दौर ने उनके व्यक्तित्व को एक सैन्य अधिकारी के रूप में मजबूत बनाया और आगे की सेवा के लिए नींव तैयार की.

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साल 2021 में नव्या शेखावत को Army Service Corps यानी ASC में कमीशन मिला. Army Service Corps भारतीय सेना की महत्वपूर्ण सपोर्ट शाखाओं में से एक है, जो सैन्य अभियानों को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी लॉजिस्टिक्स और प्रशासनिक सहायता से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालती है. एक अधिकारी के तौर पर नव्या ने अपने सैन्य करियर की शुरुआत जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ की. सेना में कमीशन मिलना उनके लंबे संघर्ष और प्रशिक्षण का परिणाम था. इसके बाद उन्होंने लगातार अपने पेशेवर कौशल, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा के जरिए आगे बढ़ने की दिशा में काम किया और अपने करियर में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किए.

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सेना में कमीशन मिलने के बाद नव्या शेखावत ने अधिकारी के तौर पर लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाईं. सैन्य सेवा के दौरान अनुभव और पेशेवर प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने अधिकारी रैंक में आगे बढ़ते हुए Major का पद हासिल किया. जुलाई 2026 तक वह Major के पद पर पहुंच चुकी थीं. यह उपलब्धि उनके सैन्य करियर में महत्वपूर्ण पड़ाव रही. एक अधिकारी के रूप में आगे बढ़ने के लिए केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि नेतृत्व, निर्णय लेने की क्षमता, अनुशासन और जिम्मेदारी भी जरूरी होती है. नव्या का Lieutenant से Major तक का सफर उनकी निरंतर मेहनत और पेशेवर विकास को दर्शाता है.

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जुलाई 2026 में मेजर नव्या शेखावत को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के Aide-de-Camp यानी ADC के रूप में नियुक्त किया गया. इस नियुक्ति के साथ उन्होंने भारतीय सेना की महिला अधिकारियों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की. राष्ट्रपति के ADC की भूमिका बेहद प्रतिष्ठित मानी जाती है और इसमें आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान राष्ट्रपति के साथ रहना तथा विभिन्न प्रोटोकॉल संबंधी जिम्मेदारियों में सहायता करना शामिल होता है. नव्या की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है. उनकी उपलब्धि सैन्य सेवा में महिलाओं के लिए नए अवसरों और संभावनाओं को भी सामने लाती है.

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Aide-de-Camp यानी ADC राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यक्रमों और प्रोटोकॉल से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता करता है. इस जिम्मेदारी में आधिकारिक समारोहों, कार्यक्रमों और राष्ट्रपति से जुड़े विभिन्न प्रोटोकॉल मामलों के दौरान समन्वय और सहयोग शामिल होता है. ADC को हर समय अनुशासित, सतर्क और संयमित रहना पड़ता है. राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के साथ काम करने के कारण इस भूमिका में सटीकता और जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है. मेजर नव्या शेखावत अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ इसी तरह की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं. यह पद उनके सैन्य करियर में विश्वास और पेशेवर क्षमता को दर्शाने वाला बड़ा अवसर है.

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मेजर नव्या शेखावत की उपलब्धि भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की कहानी को मजबूत करती है. CDS परीक्षा पास करने से लेकर OTA चेन्नई में प्रशिक्षण और फिर Army Service Corps में कमीशन पाने तक उनका सफर मेहनत और अनुशासन से जुड़ा रहा. इसके बाद Major के पद तक पहुंचना और राष्ट्रपति की ADC बनना उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है. उनकी कहानी उन युवतियों के लिए प्रेरणा है जो भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का सपना देखती हैं. नव्या की उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयास से महिलाएं चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों में भी अपनी जगह बना सकती हैं.

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मेजर नव्या शेखावत का सफर केवल एक सैन्य अधिकारी की पदोन्नति की कहानी नहीं है, बल्कि बदलते भारत में महिलाओं की बढ़ती नेतृत्व भूमिका की तस्वीर भी है. CDS से शुरुआत, OTA चेन्नई का कठोर प्रशिक्षण, 2021 में Army Service Corps में कमीशन, Major का पद और फिर राष्ट्रपति की ADC के रूप में ऐतिहासिक नियुक्ति—उनका करियर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुजरा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ इस प्रतिष्ठित जिम्मेदारी को निभाते हुए नव्या भारतीय सेना की महिला अधिकारियों के लिए एक नई मिसाल पेश कर रही हैं. उनकी कहानी अनुशासन, सेवा, पेशेवर विकास और नेतृत्व की प्रेरक यात्रा है.