बिहार के इस बेटे ने दवा की दुनिया में रचा इतिहास, संघर्ष से खड़ी की करोड़ों की कंपनी...
बिहार के एक छोटे से गांव से निकलकर दवा की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले संप्रदा सिंह की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है. डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले इस किसान परिवार के बेटे ने 1953 में एक छोटी-सी मेडिकल स्टोर से शुरुआत की और आगे चलकर एल्केम लेबोरेटरीज जैसी बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनी की नींव रखी. संघर्ष, मेहनत और दूरदृष्टि के दम पर उन्होंने न सिर्फ अपना कारोबार खड़ा किया, बल्कि भारतीय दवा उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई.















