"आशीर्वाद और कोपभाजन" में कैसे फंसी है झारखंड सरकार की मंईयां सम्मान योजना, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

धनबाद(DHANBAD) : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना में जिन लाभुकों को पैसा पहुंच रहा है, वह तो कह रही है कि जिओ हेमंत सरकार, हेमंत सरकार की आयु लंबी हो, जिससे कि उन्हें पैसा मिलता रहे. लेकिन ठीक इसके उलट जिन महिलाओं के खाते में किसी न किसी तकनीकी कारणों से राशि नहीं पहुंच रही है, वह सरकार को पानी पी पीकर कोस भी रही है. सोमवार और आज बुधवार को अवकाश की वजह से जिलों के अंचल कार्यालय में भीड़ नहीं दिखी. लेकिन शनिवार को भीड़ जुटने की संभावना है. दरअसल, सरकार ने दिसंबर तक 56 लाख महिलाओं को पैसे दिए थे. 38 लाख महिलाओं की राशि रुकी थी. एक आंकड़े के मुताबिक 2 लाख मामलों में डुप्लीकेसी मिली थी. डुप्लीकेसी का मतलब हुआ कि या तो लाभुक सरकार की किसी दूसरी योजना का लाभ ले रही थी अथवा एक बैंक अकाउंट से कई आवेदन किए गए थे.
16 लाख लाभुकों का अकाउंट होल्ड पर था
आधार से बैंक खाता लिंक नहीं होने की वजह से 16 लाख लाभुकों को होल्ड पर रखा गया था. लेकिन सरकार ने निर्णय लिया है कि मार्च तक की राशि बिना आधार लिंक खातों को भेज दी जाएगी. राशि या तो भेज दी गई है या भेजी जा रही है. सरकार ने कैबिनेट में फैसला लिया कि मार्च तक जिन लाभुकों का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, वेरिफिकेशन के बाद उन्हें जनवरी से मार्च तक के पैसे दिए जाएंगे. अगर 31 मार्च तक बैंक खाता आधार से लिंक नहीं कराया गया, तो अप्रैल से इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. दरअसल, जिन महिलाओं के खाते में पैसे नहीं आ रहे है, वह परेशान है. उनका धैर्य टूटने लगा है. इस गर्मी में लंबी लाइन लगाकर वह यह जानना चाह रही है कि आखिर किस वजह से उनका पैसा नहीं आ रहा है. उन्हें इस बात की भी परेशानी है कि अगर उनका आवेदन किन्हीं कारणों से रद्द कर दिया गया है तो नया आवेदन क्यों नहीं लिया जा रहा है.
आधार अपडेट केन्द्रों से लेकर प्रखंड कार्यालय तक हो रहा जुटान
हालत यह है कि आधार अपडेट केन्द्रो से लेकर प्रखंड कार्यालय तक महिलाओं का भारी जुटान हो रहा है. महिलाएं सुबह-सुबह घर का काम निपटाकर या तो प्रखंड कार्यालय पहुंच जा रही है अथवा आधार केंद्र जा रही है. दोनों जगहो पर काफी भीड़ जुट रही है. 31 मार्च तक सरकार ने आधार लिंक के बगैर के खातों में भी राशि भेज दी है. लेकिन अप्रैल महीने से जिन लाभुकों का बैंक अकाउंट आधार से लिंक नहीं होगा, उन्हें राशि नहीं भेजी जाएगी. दरअसल हो यह रहा है कि अगल-बगल की महिलाओं को राशि आ रही है और जब उन्हें नहीं मिल रही तो वह सीधे प्रखंड और अंचल कार्यालय पहुंच जा रही है. जांच करने वाले ऑपरेटर भी परेशान है. वह कहते हैं कि जांच करने के बाद भी, बताने के बाद भी महिलाएं पहुंच रही है. समझाने पर भी नहीं समझ रही है. उन्हें जब बताया जा रहा है कि जिलों के कार्यालय के पास लिमिटेड ऑप्शन है, नया आवेदन लेने का उन्हें कोई आदेश नहीं है. इसके बाद महिलाओं का धैर्य टूट जा रहा है और वह आपा खोने होने लग रही है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
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