पितृपक्ष में क्या बेटियां कर सकती हैं श्राद्ध-पिंडदान? जानिए शास्त्रों में क्या है विधान
पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है. आमतौर पर पिंडदान को पुत्र के कर्तव्य से जोड़ा जाता है, लेकिन क्या पुत्र न होने पर बेटियां भी यह कर्म कर सकती हैं? धार्मिक मान्यताओं, पौराणिक प्रसंगों और अलग-अलग परंपराओं में इस सवाल के कई जवाब मिलते हैं. जानिए बेटियों के पिंडदान को लेकर क्या कहते हैं धर्मशास्त्र और परंपराएं.













