क्या मजदूरों का भी हो सकता है LinkedIn? बिहार के चंद्रशेखर ने बदली तस्वीर.....
बिहार के दरभंगा के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ एक ऐसा सपना, जिसने उन मजदूरों के लिए उम्मीद की नई राह बनाई, जो हर सुबह काम की तलाश में चौक-चौराहों पर खड़े होते हैं. चंद्रशेखर मंडल ने तकनीक की मदद से मजदूरों और काम देने वालों को सीधे जोड़ने की पहल की. उनका Digital Labour Chowk सिर्फ रोजगार का प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि मजदूरों के हुनर, पहचान और सम्मान को डिजिटल दुनिया से जोड़ने की कोशिश है. कभी काम की तलाश में भटकने वाले मजदूरों को अब एक ऐसे मंच से जोड़ा जा रहा है, जहां उनका हुनर ही उनकी पहचान बन सकता है.















