पर्यटकों को भा रहा है मसानजोर में निर्मित इको कॉटेज, उद्घाटन का इंतजार

    पर्यटकों को भा रहा है मसानजोर में निर्मित इको कॉटेज, उद्घाटन का इंतजार

    दुमका(DUMKA): चंद दिनों बाद वर्ष 2024 समाप्त हो जाएगा, नव वर्ष 2025 के आगमन की तैयारी में लोग जोर शोर से लग गए है. कोई परिवार के साथ पिकनिक मनाने की योजना बना रहे हैं तो कोई मित्र मंडली के साथ घूमने के लिए स्थल का चयन कर रहे हैं. इस सब के बीच हम बात कर रहे हैं दुमका के प्रमुख पर्यटक स्थल मसानजोर डैम की.

    दुमका का प्रमुख पर्यटक स्थल है मसानजोर डैम
    प्रकृति की गोद में बसे झारखंड की उपराजधानी दुमका में कई ऐसे पर्यटक स्थल है जो पर्यटकों को खूब भाता है. इन जगहों पर सालों भर पर्यटक आते है. इसमें से एक नाम है जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर मसानजोर डैम. आजादी के बाद कनाडा के सहयोग से झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर मयूराक्षी नदी पर यह डैम बना है. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती बरबस लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है. एक तरफ हरियाली को आंचल में समेटे ऊंची-ऊंची पहाड़ियां है तो दूसरी तरफ विशाल जल संग्रह, यहां आने वाले पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है. डैम बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है जहां सालों भर लोग पहुंच कर परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक का लुत्फ उठाते है. 

    राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़ा है मसानजोर डैम

    यहां आने वाले शैलानी सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित आईबी घूमना नहीं भूलते. दरअसल 25 सितंबर 1990 को राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी द्वारा सोमनाथ से रथ यात्रा निकाली गई थी. रथ यात्रा के बिहार में प्रवेश करने पर समस्तीपुर में लाल कृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार कर मसानजोर डैम स्थित आईबी में नजर बंद करके रखा गया था. इस घटना के बाद अचानक मसानजोर डैम का नाम देश विदेश के समाचार पत्रों की सुर्खियां बनी थी. समय के साथ अब अयोध्या में राम मंदिर भी बनकर तैयार हो गया, इसके बाबजूद यहां आने वाले पर्यटक आईबी पहुंच कर उस समय की घटना की जानकारी लेते हैं.

    वन विभाग द्वारा निर्मित इको कॉटेज लुभा रहा है पर्यटकों को

    समय के साथ झारखंड सरकार द्वारा मसानजोर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कई पहल किया गया. पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए भवन में मयूराक्षी रिसॉर्ट चलाया जा रहा है, इसका फायदा पर्यटकों को मिल रहा है. अब वन विभाग द्वारा कॉटेज का निर्माण कराया गया है. लगभग ₹7 करोड़ की लगत से इंडोनेशियन पाइन की लकड़ी से वातानुकुलित इको कॉटेज बन कर तैयार है, यहां से पर्यटक एक साथ पहाड़, जंगल और जल संग्रह का दीदार कर सकते है, फिलहाल इसका उद्घाटन नहीं हुआ है. संभावना जताई जा रही है कि नए साल में सीएम हेमंत सोरेन द्वारा इसका उद्घाटन होगा, लेकिन वर्तमान समय में मसानजोर डैम आने वाले पर्यटकों को इको कॉटेज अपनी ओर आकर्षित कर रहा है और पर्यटक इसका दीदार करना नहीं भूलते.पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्राप्त है और वर्तमान सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटक स्थल को विकसित कर रही है, मसानजोर डैम एक उदाहरण है. निश्चित रूप से पर्यटक स्थल को विकसित करने से न केवल सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी बल्कि स्थानीय लोगों को भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रोजगार मिलेगा.

    रिपोर्ट: पंचम झा


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