कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा?

  • November 6, 2026 10:47 pm
  • 8 Photos
  • 45 Views

दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा हर घर में होती है. लोग सुख, शांति और धन-समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी का स्वागत करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां लक्ष्मी की एक बड़ी बहन भी थीं, जिनका नाम देवी अलक्ष्मी था? मान्यता है कि उनका जन्म समुद्र मंथन के दौरान हुआ था. उन्हें गरीबी, दुख और अशांति का प्रतीक माना जाता है. आखिर क्यों उनकी पूजा नहीं होती और क्या है इससे जुड़ी पौराणिक कथा? आइए जानते हैं.

कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा?
Photo 1 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 1

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की एक बड़ी बहन थीं, जिनका नाम देवी अलक्ष्मी था. उन्हें ज्येष्ठा देवी भी कहा जाता है. मां लक्ष्मी धन, सुख और समृद्धि की देवी हैं, जबकि अलक्ष्मी को गरीबी, दुख और अशांति का प्रतीक माना जाता है. दोनों बहनों का स्वभाव एक-दूसरे से बिल्कुल अलग बताया गया है.

Photo 2 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 2

पौराणिक कथा के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने अमृत पाने के लिए समुद्र मंथन किया था, तब कई रत्न और देवियां निकली थीं. मान्यता है कि सबसे पहले देवी अलक्ष्मी प्रकट हुईं और उनके बाद मां लक्ष्मी का जन्म हुआ. इसी वजह से अलक्ष्मी को मां लक्ष्मी की बड़ी बहन कहा जाता है.

Photo 3 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 3

धार्मिक मान्यताओं में देवी अलक्ष्मी का रूप मां लक्ष्मी से बिल्कुल अलग बताया गया है. उन्हें एक वृद्ध महिला के रूप में दिखाया जाता है. उनका चेहरा भी कठोर बताया गया है. कुछ चित्रों में उनके हाथ में झाड़ू दिखाई देती है. उन्हें गरीबी, दुख और घर में होने वाले झगड़ों से जोड़कर देखा जाता है.

Photo 4 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 4

मां लक्ष्मी को धन और खुशहाली की देवी माना जाता है, जबकि अलक्ष्मी को दरिद्रता और परेशानियों से जोड़ा जाता है. इसलिए लोग उनकी पूजा करने के बजाय उन्हें घर से दूर रखने की कामना करते हैं. दिवाली पर लोग मां लक्ष्मी का स्वागत करते हैं, ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे.

Photo 5 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 5

मां लक्ष्मी को धन, वैभव, सुख और सौभाग्य की देवी माना जाता है. वहीं अलक्ष्मी गरीबी, दुख और कलह का प्रतीक हैं. मान्यता है कि जिस घर में प्यार, साफ-सफाई और शांति रहती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है. वहीं झगड़े और गंदगी को अलक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है.

Photo 6 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 6

लोक मान्यताओं के अनुसार, देवी अलक्ष्मी का संबंध घर की गंदगी, गंदे माहौल और आपसी झगड़ों से है. माना जाता है कि जहां हमेशा लड़ाई होती है और लोग एक-दूसरे का सम्मान नहीं करते, वहां सुख-शांति नहीं रहती. इसीलिए दिवाली से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करने की परंपरा है.

Photo 7 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 7

दिवाली पर लोग घर की सफाई करते हैं, दीप जलाते हैं और मां लक्ष्मी का स्वागत करते हैं. मान्यता है कि मां लक्ष्मी साफ-सुथरे और रोशनी वाले घर में आती हैं. वहीं अलक्ष्मी को अंधकार और अशांति से जोड़ा जाता है. इसलिए लोग दिवाली पर घर से नकारात्मकता दूर करने की कामना करते हैं.

Photo 8 of 8
कौन थीं मां लक्ष्मी की बड़ी बहन? और क्यों नहीं होती उनकी पूजा? - Photo 8

ऐसा नहीं है कि देवी अलक्ष्मी की कहीं भी पूजा नहीं होती. कुछ धार्मिक परंपराओं में उन्हें ज्येष्ठा देवी के नाम से पूजा जाता है. खासकर दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों में उनकी प्रतिमाएं भी मिलती हैं. हालांकि, आमतौर पर उनकी पूजा शुभ नहीं मानी जाती. अलग-अलग जगहों पर उनसे जुड़ी मान्यताएं और परंपराएं अलग हैं.