इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं

  • October 13, 2026 11:19 pm
  • 9 Photos
  • 16 Views

नवरात्रि में मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है. झारखंड की धरती पर कई ऐसे प्राचीन मंदिर और शक्तिस्थल हैं, जो धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अनूठी परंपराओं के लिए प्रसिद्ध हैं. कहीं मां छिन्नमस्तिका की पूजा होती है, तो कहीं मां योगिनी, मां भद्रकाली और मां मौलिक्षा के दर्शन भक्तों को आकर्षित करते हैं. आइए जानते हैं झारखंड के नौ प्रमुख शक्तिस्थलों के बारे में, जहां नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं.

इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं
Photo 1 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 1

रामगढ़ जिले में स्थित रजरप्पा मंदिर झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में शामिल है. यहां मां छिन्नमस्तिका की पूजा की जाती है. भैरवी और दामोदर नदियों के संगम के पास स्थित यह मंदिर अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपरा और तांत्रिक महत्व के लिए जाना जाता है. मंदिर में देवी की प्रतिमा का स्वरूप भक्तों को आकर्षित करता है. नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां से सुख, समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं.

Photo 2 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 2

झारखंड के लातेहार क्षेत्र में मां उग्रतारा का मंदिर देवी उपासना की परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल माना जाता है. आसपास का प्राकृतिक वातावरण और शांत परिवेश श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. मां तारा की आराधना का संबंध शक्ति उपासना की प्राचीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है. नवरात्रि में भक्त यहां पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. मंदिर की धार्मिक मान्यताएं और स्थानीय आस्था इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बनाती हैं.

Photo 3 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 3

दुमका जिले का मलूटी गांव अपने प्राचीन टेराकोटा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है. यहां के मंदिरों की स्थापत्य कला और ऐतिहासिक विरासत इसे खास बनाती है. गांव में मां मौलिक्षा की पूजा भी विशेष महत्व रखती है. धार्मिक आस्था के साथ-साथ मलूटी का मंदिर समूह झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण उदाहरण है. नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालु देवी की आराधना करते हैं और प्राचीन मंदिरों की अनूठी बनावट को करीब से देख सकते हैं.

Photo 4 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 4

चतरा जिले के इटखोरी में स्थित मां भद्रकाली मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है. यह मंदिर अपनी प्राचीन प्रतिमाओं, धार्मिक मान्यताओं और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है. यहां देवी मां भद्रकाली की पूजा की जाती है. मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक परंपराओं और स्थापत्य के दर्शन भी होते हैं. नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु मां के दर्शन कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं. यहां की आध्यात्मिक वातावरण मंदिर को खास बनाता है.

Photo 5 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 5

चतरा जिले की कौलेश्वरी पहाड़ी धार्मिक और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. पहाड़ी पर स्थित मंदिर में देवी की पूजा होती है और यह स्थान हिंदू, जैन तथा बौद्ध परंपराओं से भी जुड़ा माना जाता है. यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु धार्मिक दर्शन के साथ आसपास के प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव करते हैं. पहाड़ी का शांत वातावरण साधना और आध्यात्मिक चिंतन के लिए आकर्षित करता है. नवरात्रि के दौरान देवी के दर्शन के लिए भक्त यहां पहुंचते हैं.

Photo 6 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 6

गोड्डा जिले के पथरगामा क्षेत्र में स्थित मां योगिनी मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है. हरियाली और प्राकृतिक परिवेश के बीच स्थित यह धार्मिक स्थल देवी उपासना की परंपरा से जुड़ा है. मां योगिनी की पूजा शक्ति के विशेष स्वरूप के रूप में की जाती है. नवरात्रि के दौरान भक्त यहां दर्शन करने पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं. मंदिर की धार्मिक पहचान गोड्डा की सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है.

Photo 7 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 7

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में एक माना जाता है. यह स्थल शिवभक्तों के साथ शक्ति उपासकों के लिए भी महत्वपूर्ण है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां सती का हृदय गिरा था और शक्ति को जयदुर्गा के रूप में पूजा जाता है. शिव और शक्ति की संयुक्त आस्था इस धाम को विशेष पहचान देती है. नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगलकामना के लिए प्रार्थना करते हैं.

Photo 8 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 8

गुमला जिले के हापामुनी गांव में स्थित महामाया मंदिर क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है. इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व स्थानीय परंपराओं और पुराने स्थापत्य में दिखाई देता है. मां महामाया के दर्शन के लिए श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। मंदिर झारखंड की धार्मिक विविधता और क्षेत्रीय इतिहास को समझने का अवसर भी देता है. नवरात्रि के दौरान यहां पूजा-अर्चना का विशेष माहौल रहता है और भक्त देवी से सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं.

Photo 9 of 9
इस नवरात्र झारखंड के 9 शक्तिपीठों के करें दर्शन, मां के आशीर्वाद से पूरी होंगी मनोकामनाएं - Photo 9

रांची जिले के गिंजो ठाकुरगांव स्थित मां भवानी मंदिर स्थानीय धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है. यहां मां भवानी और भगवान शंकर से जुड़ी पूजा परंपरा का विशेष महत्व बताया जाता है. मंदिर की पहचान देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और पारंपरिक पूजा-पद्धतियों से जुड़ी है. नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु मां के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं. झारखंड के अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों की तरह यह मंदिर भी स्थानीय आस्था और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ियों तक आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.