झारखंड के ऐतिहासिक काली मंदिर, जानें कहां स्थित हैं और क्या है इनकी खासियत

  • November 4, 2026 9:21 pm
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झारखंड अपनी समृद्ध संस्कृति और धार्मिक विरासत के लिए जाना जाता है. यहां मां काली के कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं, जिनसे लोगों की गहरी आस्था और ऐतिहासिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. इन मंदिरों में सालभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन काली पूजा के दौरान खास रौनक देखने को मिलती है. ऐसे में अगर आप भी मां काली के दर्शन करना चाहते हैं, तो आइए जानते हैं झारखंड के 5 प्रसिद्ध और ऐतिहासिक काली मंदिरों के बारे में.

झारखंड के ऐतिहासिक काली मंदिर, जानें कहां स्थित हैं और क्या है इनकी खासियत
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झारखंड में मां काली के कई ऐसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनसे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है. इन मंदिरों का धार्मिक महत्व होने के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व भी है. यहां सालभर श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. खासकर काली पूजा और नवरात्रि के दौरान मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. आइए जानते हैं झारखंड के ऐसे ही 5 प्रसिद्ध काली मंदिरों के बारे में.

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रांची के मेन रोड पर स्थित श्री मां काली मंदिर शहर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक है. मान्यता है कि यह मंदिर करीब 200 साल पुराना है. यहां मां काली दक्षिणमुखी स्वरूप में विराजमान हैं. मंदिर की एक खास पहचान यहां पिछले करीब 100 वर्षों से लगातार जल रहा अखंड दीपक है. श्रद्धालु यहां मां के दर्शन करने और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पहुंचते हैं. काली पूजा के दौरान मंदिर में विशेष रौनक रहती है.

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देवघर जिले के मधुपुर स्थित पथरोल गांव में मां काली का प्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिर है. मान्यता के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण करीब 6-7 सदी पहले राजा दिग्विजय सिंह ने कराया था. लंबे इतिहास और धार्मिक मान्यताओं के कारण यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. काली पूजा के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होती है और भक्तों की भीड़ जुटती है.

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बोकारो के चिरा चास स्थित कालिका विहार में श्री श्री कालिका महारानी मंदिर बना हुआ है. करीब आधा एकड़ क्षेत्र में फैला यह मंदिर स्थानीय लोगों के बीच गहरी आस्था का केंद्र है. यहां मां काली की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं. मंदिर का शांत और धार्मिक वातावरण भक्तों को आकर्षित करता है. काली पूजा जैसे विशेष अवसरों पर यहां भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है. बोकारो आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक प्रमुख धार्मिक स्थल है.

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चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड के भादुली गांव में स्थित मां भद्रकाली मंदिर झारखंड के प्रसिद्ध ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में शामिल है. इसे एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ के रूप में भी जाना जाता है. यहां मां भद्रकाली के दर्शन के लिए झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं. मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व इसे खास बनाता है. नवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां विशेष पूजा होती है और बड़ी संख्या में भक्त जुटते हैं.

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रांची के डोरंडा स्थित मणिटोला काली मंदिर शहर के प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है. मां काली के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था इस मंदिर को खास बनाती है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं. इसी विश्वास के साथ भक्त दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंचते हैं. खासकर काली पूजा के दौरान मंदिर में भारी भीड़ उमड़ती है और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल देखने को मिलता है.