World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान

  • August 19, 2026 9:53 pm
  • 6 Photos
  • 41 Views

19 अगस्त को मनाए जाने वाले विश्व फोटोग्राफी दिवस पर आइए जानते हैं, झारखंड के उन प्रतिभाशाली फोटोग्राफर्स और विजुअल स्टोरीटेलर्स के बारे में, जिन्होंने अपने कैमरे के जरिए प्रकृति, वन्यजीव, संस्कृति और समाज की तस्वीरों को नई पहचान दी और राज्य का नाम देश-दुनिया तक पहुंचाया.

World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान
Photo 1 of 6
World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान - Photo 1

19 अगस्त को हर साल विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है. यह दिन उन लोगों को समर्पित है, जो कैमरे के जरिए दुनिया को देखने का नया नजरिया देते हैं. झारखंड की पहचान सिर्फ जंगल, पहाड़ और आदिवासी संस्कृति से नहीं, बल्कि यहां के प्रतिभाशाली फोटोग्राफर्स और विजुअल स्टोरीटेलर्स से भी है. किसी ने वन्यजीवों को कैमरे में कैद किया, तो किसी ने आदिवासी जीवन, संस्कृति और पर्यावरण की कहानियां दुनिया तक पहुंचाईं. आइए विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर झारखंड से जुड़े ऐसे ही चर्चित नामों को जानें, जिन्होंने अपने कैमरे और कहानी कहने की कला से अलग पहचान बनाई.

Photo 2 of 6
World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान - Photo 2

देवघर के फोटोग्राफर रंजन KM ने प्रकृति, पक्षियों, वन्यजीव, संस्कृति और फोटोर्नलिज्म के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है. वे 15 वर्षों से ज्यादा समय से फोटोग्राफी कर रहे हैं और देवघर में फोटोग्राफी को एक गंभीर कला के रूप में बढ़ावा देने वाले शुरुआती प्रोफेशनल्स में गिने जाते हैं. उनके काम को 2021 के World Photography Day Photo Contest में Photojournalism और People, Culture & Places of Jharkhand श्रेणियों में Certificate of Merit मिला. YPS International Digital Salon में Nature सेक्शन में भी उनके काम को स्वीकार्यता मिली.

Photo 3 of 6
World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान - Photo 3

जमशेदपुर से जुड़े अनूप मिश्रा को फोटोर्नलिज्म और खासकर वन्यजीव एवं जैव-विविधता से जुड़ी फोटोग्राफी के लिए जाना जाता है. उनकी तस्वीरों में झारखंड के जीव-जंतुओं और प्रकृति की खूबसूरती देखने को मिलती है. 2025 में International Biodiversity Day के मौके पर आयोजित FAUNA Photography Competition में उन्होंने पहला पुरस्कार जीता. झारखंड स्टेट बायोडायवर्सिटी बोर्ड की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में उनकी फोटोग्राफी को सम्मान मिला और उन्हें प्रशस्ति-पत्र के साथ पुरस्कार भी दिया गया. उनका काम बताता है कि फोटोग्राफी केवल खूबसूरत तस्वीर लेने का माध्यम नहीं, बल्कि जैव-विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी प्रभावी तरीका हो सकती है.

Photo 4 of 6
World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान - Photo 4

धनबाद के चंदन पॉल ने फोटोग्राफी के जरिए झारखंड के पर्यटन और पर्यावरण से जुड़े विषयों को सामने रखा है. अगस्त 2024 में World Photography Day के अवसर पर दुमका फोटोग्राफी क्लब की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता और प्रदर्शनी में उन्होंने पहला पुरस्कार हासिल किया. प्रतियोगिता का विषय ‘Jharkhand Tourism and Climate Change’ था. उनकी उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि तस्वीरों के जरिए उन्होंने राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती के साथ-साथ पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी सामने रखा. उनकी तस्वीरें दिखाती हैं कि एक कैमरा पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति लोगों की सोच बदलने का माध्यम भी बन सकता है.

Photo 5 of 6
World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान - Photo 5

रांची से जुड़े बीजू टोप्पो का नाम झारखंड की डॉक्यूमेंट्री और विजुअल स्टोरीटेलिंग की दुनिया में खास पहचान रखता है. वे दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर हैं. उनकी फिल्मों में आदिवासी समुदाय, विस्थापन, जमीन, पलायन, मानवाधिकार और पर्यावरण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं. उन्होंने कैमरे को सिर्फ तस्वीर या फिल्म बनाने का साधन नहीं, बल्कि समाज की अनसुनी आवाज सामने लाने का माध्यम बनाया. ‘The Hunt’ और ‘Jharia’ जैसी फिल्मों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. बीजू टोप्पो और मेघनाथ ने मिलकर झारखंड की सामाजिक और आदिवासी कहानियों को व्यापक मंच तक पहुंचाया.

Photo 6 of 6
World Photography Day special : झारखंड के इन फोटोग्राफर्स ने अपनी तस्वीरों से बनाई देश-दुनिया में पहचान - Photo 6

रांची के कुलदीप सिंह दीपक का नाम शहर की पुरानी फोटो स्टूडियो और फोटोग्राफी की परंपरा से जुड़ा है. वे Deepak Studios से जुड़े रहे हैं, जिसकी स्थापना 1970 में हुई थी. पुराने दौर में जब फोटो खिंचवाना आज की तरह आसान नहीं था, तब स्टूडियो फोटोग्राफी लोगों के लिए खास अनुभव हुआ करती थी. कुलदीप सिंह दीपक ने उस दौर की फोटोग्राफी और स्टूडियो संस्कृति को करीब से देखा और आगे बढ़ाया. उनकी कहानी यह भी बताती है कि झारखंड में फोटोग्राफी की यात्रा सिर्फ डिजिटल कैमरे से शुरू नहीं हुई, बल्कि स्टूडियो और फिल्म कैमरों के दौर से गुजरते हुए आज के आधुनिक डिजिटल युग तक पहुंची है.