NEET विवाद से मंत्री के इस्तीफे तक, CJP आंदोलन की पूरी कहानी
एक परीक्षा से शुरू हुआ असंतोष धीरे-धीरे युवाओं के बड़े आंदोलन में बदल गया. NEET में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने छात्रों के भरोसे को झकझोर दिया. सोशल मीडिया पर उठी आवाज CJP (Cockroach Janta Party) के जरिए सड़कों तक पहुंची. अभिजीत दिपके के नेतृत्व में Gen-Z ने मीम, वीडियो और प्रदर्शन के जरिए जवाबदेही की मांग उठाई. जंतर-मंतर धरने, ‘चलो संसद’ मार्च और सोनम वांगचुक के सत्याग्रह ने आंदोलन को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया. 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन ने एक बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की, हालांकि कई मांगें अभी बाकी हैं.















