गिरिडीह सदर अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का लगाया आरोप

गिरिडीह सदर अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का लगाया आरोप

गिरिडीह (GRIDIH): जिले के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ. मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आज विरोध प्रदर्शन किया है. घटना के बाद कुछ समय तक अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुट गई.

मृतक की पहचान शहर के न्यू बरगंडा निवासी सुनील कुमार के रूप में हुई है. उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत में सुधार होने के बजाय लगातार बिगड़ने लगी.

परिजनों का आरोप है कि मरीज को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, लेकिन समय रहते उन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई. इतना ही नहीं, अस्पताल में ICU बेड खाली होने की जानकारी होने के बावजूद मरीज को वहां स्थानांतरित नहीं किया गया. परिवार का कहना है कि यदि समय पर उचित चिकित्सा सुविधा और निगरानी मिल जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.

मृतक के छोटे भाई पुनिल कुमार ने बताया कि जब सुनील कुमार की हालत ज्यादा गंभीर हो गई, तब ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को तत्काल बुलाने का प्रयास किया गया. आरोप है कि डॉक्टर स्वयं वार्ड में आने के बजाय मरीज को उनके पास लाने की बात कहते रहे. इसी बीच मरीज की स्थिति और बिगड़ गई और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई.

मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे. बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर माहौल को शांत कराया. नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है. यदि परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत दी जाती है.

फिलहाल इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत के पीछे कारण क्या था और लापरवाही के आरोपों में कितनी सच्चाई है.