✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Big Stories

डिलिस्टिंग विवाद में बंधु तिर्की की इंट्री, पूछा आठ-आठ बार सांसद रहने के बाद भी आदिवासी समाज के लिए कड़िया मुंडा का योगदान  क्या रहा

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 18, 2026, 6:51:20 AM

Ranchi-ईसाई धर्म अपनाने वालों को आदिवासी समाज से डिलिस्टिंग करने की मांग पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने भाजपा के पूर्व सांसद कड़िया मुंडा की नीति और नियत पर गंभीर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा है कि कड़िया मुंडा को जनजाति सुरक्षा मंच से जुड़ कर डिलिस्टिंग का सवाल खड़ा करने के पहले इस  बात का जवाब देना चाहिए कि आठ-आठ बार का सांसद और केन्द्रीय मंत्री के रुप में महत्वपूर्ण जिम्मेवारियों का निर्वाह करने के बावजूद उन्होंने आदिवासी समाज के लिए क्या हासिल किया, अपनी पूरे सियासी जीवन में उन्होंने कब आदिवासी समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाया और उसके समाधान की दिशा में अपना योगदान दिया.

आदिवासी समाज में जहर घोलना बंद करें कड़िया मुंडा 

डिलिस्टिंग का विवाद खड़ा कर आदिवासी समाज में जहर घोलने के बजाय उन्हे इस बात पर विचार करना चाहिए कि जिस खूंटी का वह प्रतिनिधित्व करते रहे हैं, आठ आठ बार का सांसद रहने के बावजूद उन्होंने उस खूंटी के लिए क्या किया, आज भी खूंटी विकास के पैमाने पर पिछड़ा क्यों है. आज भी इस आदिवासी बहुल इलाके में स्कूल कॉलेजों की कमी क्यों है, आज भी हमारे बच्चों को स्कूली शिक्षा के लिए दर दर भटका क्यों पड़ रहा है, आखिर उनके द्वारा खूंटी और वहां के आदिवासी समाज के विकास में क्या योगदान रहा. जब उनकी ही सरकार के द्वारा जनजातीय उप योजना की राशि पर कैंची चला दी जाती है, तब उनकी जुबान क्यों सिल जाती है, वह इसके खिलाफ अपनी आवाज को मुखर क्यों नहीं करते, बात जब आदिवासी समाज के हिस्सेदारी और भागीदारी की आती है तो कड़िया मुंडा किसके दवाब में खामोशी की चादर ओढ़ लेते हैं, लेकिन वही कड़िया मुंडा आरएसएस के इशारे पर आदिवासी समाज में जहर घोलने के लिए डिलिस्टिंग का विवाद खड़ा करने की साजिश रचते हैं, ताकि आदिवासी समाज अपने में ही विभाजित हो जाय, और वह अपने हक हकूक की आवाज को मुखरता के साथ नहीं उठा सके, जिसका अंतिम लाभ भाजपा को मिले.   

आप इसे भी पढ़ सकते हैं

आदिवासियों में जहर घोलने की संघी साजिश है डीलिस्टिंग! हर चुनाव के पहले आरएसएस खेलता है यह घिनौना खेल

एक आदिवासी को भगोड़ा बता भाजपा ने जलाया अपना हाथ! कांग्रेस का तंज ललित मोदी से लेकर नीरव मोदी को भगाने वाली भाजपा कर रही सवाल

चीफ सेक्रेटरी सुखदेव सिंह के बाद अब डीजीपी पर तलवार! भाजपा प्रवक्ता जफर इस्लाम का दावा- अपनी गिरफ्तारी के डर से अधिकारियों को बदल रही हेमंत सरकार

हेमंत सरकार का जाना, हकीकत या फ़साना! 2024 के महासंग्राम के पहले भाजपा का असमंजस

लिस्टिंग का पता नहीं, डिलिस्टिंग पर बवाल! हिन्दूकरण पर चुप्पी और क्रिश्चियनिटी पर कोहराम, जनजातीय सुरक्षा मंच पर उठने लगे सवाल

चाईबासा का कांटा: गीता कोड़ा का कमल थामने की चर्चा तेज, JMM भी ठोक रहा दावा, जानिये दंगल में उतरने को आतुर सियासी चेहरे

डोल रही हेमंत की हिम्मत! आदिवासी-मूलवासियों की सरकार से लेकर गाजर-मूली की चर्चा, क्या है इसके सियासी निहितार्थ

2024 का आगाज! रथ ले निकल पड़े हेमंत, इधर सोशल मीडिया पर बाबूलाल का ट्वीटर वार, कैसे होगा भाजपा का बेड़ा पार

Tags:Bandhu Tirkey's entry in the delisting controversywhat was the contribution of Kadiya Munda to the tribal societydelisting controversydemand of delisting in jharkhandbreaking News of delistingbjp on delisting demandcongres attack on kadiya mund for delisting demandJharkhand politicsBandhu Tirkey breaking Newsjharkhand newsjharkhanddelisting rally in ranchijharkhand sarna dharm codejharkhand news live todaydelistingde-listing before christmasde-listing should be from christian and muslimconversion in jharkhanddelisting maha rally in ranchi

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.