अनुबंधकर्मियों को स्थायी करने की कवायद में जुटी सरकार, विभागों से मांगा अनुबंध संविदाकर्मियों का ब्योरा 

    अनुबंधकर्मियों को स्थायी करने की कवायद में जुटी सरकार, विभागों से मांगा अनुबंध संविदाकर्मियों का ब्योरा 

    रांची(RANCHI): राज्य सरकार कई विभागों में अनुबंध, संविदा पर कार्यरत कर्मियों को स्थाई करने की तैयारी में जुट चुकी है. सेवा शर्तों में सुधार के उद्देश्य से इन कर्मचारियों का डिटेल ब्यौरा जुटाने का कार्य किया जा रहा है. कार्मिक विभाग के द्वारा सभी विभागों को पत्र लिखकर सभी कार्यालयों में अनुबंध और संविदा पर कार्यरत कर्मियों का ब्यौरा 15 दिनों के अंदर उपलब्ध करने के लिए कहा गया. उड़ीसा, राजस्थान सरकार की तर्ज पर झारखंड सरकार में संविदा कर्मियों को नियमित करने के उद्देश्य से "संविदा भर्ती नियम 2023" लागू  कर सकती है. कार्मिक विभाग ने कई विभागों के मुख्यालयों से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों तक को निर्देश दिया गया है, कि वो अपने यहां वर्षों से अनुबंध और संविदा पर कार्यरत कर्मियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करें. इस रिपोर्ट की स्क्रीनिंग के जरिए ही सेवा शर्तों में एकरूपता लाई जाएगी. ताकि उन्हे स्थायी बनाने पर विचार किया जा सके. राज्य सरकार अनुबंध और संविदा पर कार्यरत कर्मियों को स्थाई करने के साथ ही उनके लिए विशेष वेतन, सुरक्षा, उम्र सीमा, और सामाजिक सुरक्षा के अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है.

    दो श्रेणियों में बांटकर जुटाया  जा रहा है डिटेल्स

    संविदा कर्मियों को दो श्रेणी में बांटकर उनका ब्योरा निकाला जा रहा है. केन्द्र या राज्य सरकार की प्रायोजित योजना को छोड़कर अनुबंध, ठेका या संविदा पर कार्यरत कर्मियों से एक विशेष फॉर्म भरवाया जा रहा है. जबकि केन्द्रीय कार्यक्रमों में राज्य प्रायोजित योजना के तहत नियुक्त संविदाकर्मियों से अलग फॉर्मेट में जानकारी मांगी गई है. केन्द्र और राज्य सरकारों की विभिन्न कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया. राज्य के स्वास्थ्य विभाग में ठेकाकर्मियों पर अगर नए नियम लागू होंगे तो इससे अकेले स्वास्थ्य विभाग में ही करीब 50 हज़ार से अधिक अनुबंध कर्मचारियों को फायदा होगा. झारखंड हाइकोर्ट ने भी दो फरवरी 2019 को याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से अनुबंध, दैनिक वेतन भोगी, और अस्थाई कर्मचारियों का विस्तृत विवरण मंगाया था.

    राज्य में वर्षों से कार्यरत हैं हजारों संविदाकर्मी

    झारखंड का सरकारी सिस्टम संविदा कर्मियों के हवाले हैं हालात ऐसे हैं कि झारखंड विधानसभा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से लेकर प्रखंड कार्यालय राज्य सचिवालय तक हजारों की संख्या में संविदा कर्मी कार्यरत हैं. राष्ट्र बीआरपी-सीआरपी डीआरडीए मनरेगा शिक्षा परियोजना कृषक मित्र ऊर्जा विभाग, यक्ष्मा विभाग, उद्यान मित्र, श्रमिक मित्र,  जलसहिया, होमगार्ड्स, रसोईया, घंटी आधारित शिक्षक, समावेशी शिक्षा कर्मी, 14वें वित्त कर्मी, आयुर्वेद, यूनानी, कंप्यूटर ऑपरेटर सहायक पुलिस, तेजस्विनी, पंचायती राज की बड़ी संख्या में संविदा पर कार्यरत हैं.

    मुख्यमंत्री ने नियमों में दिए थे बदलाव के संकेत

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 24 जून 2022 को ही कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को नियमित करने की बात कही थी. झारखंड सरकार में लंबे समय से कार्य कर रहे संविदा कर्मियों के मामले में उन्होंने लातेहार में संविदा कर्मी को स्थाई करने की घोषणा भी की थी. इसके लिए नियमों में बदलाव के संकेत भी दिए थे उस वक्त अग्निपथ योजना के तहत देशभर में बवाल चल रहा था. उस दौरान उन्होंने कहा था कि यह सरकार अनुबंध कर्मियों के स्थायीकरण को लेकर फिलहाल चिंतित है. इसके लिए नियमावली सरकार के द्वारा बनाई जा रही हैं.


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