JPSC असिस्टेंट इंजीनियर नियुक्ति मामले में याचिकाकर्ता की ओर से बहस पूरी, सुनवाई की अगली तारीख 9 नवंबर को


रांची (RANCHI) असिस्टेंट इंजिनियर नियुक्ति से संबंधित पीटी परीक्षा में आरक्षण देने से मामले में एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी हुई .इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पूरी बहस हो गई.अब इस मामले में राज्य सरकार की ओर से बहस की जा रही है .अगली सुनवाई की तारीख 9 नवंबर है. इस मामले में JPSC की ओर से कहना है कि प्रारंभिक परीक्षा में रिजर्वेशन नहीं दिया गया है. एकल पीठ ने भी JPSC की दलील को सही मानते हुए प्रार्थी की याचिका खारिज कर दी है. सुनवाई में कोर्ट ने पूर्व में कहा है कि इस विज्ञापन के आधार पर कुछ नियुक्ति होती है, तो वह इस एलपीए के अंतिम निर्णय से प्रभावित रहेगी .कोर्ट ने JPSC को पूर्व में कहा था कि, वैसे अभ्यर्थी जो इंटरव्यू में शामिल हुए थे उन्हें इसकी जानकारी दे दी जाए.
रिजल्ट प्रकाशन पर रोक लगाई जाए: याचिकाकर्ता
जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पीपरवाल, राकेश रंजन और प्रिंस कुमार ने पैरवी की हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को शपथ पत्र दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है,कि कोटि और कोटा में क्या अंतर है. सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर से कहा गया रिजल्ट प्रकाशन पर रोक लगाई जाए. जिसका जेपीएससी ने विरोध किया JPSC की ओर से कहा गया कि इस मामले में कोर्ट ने पूर्व में यह आदेश दिया है इस याचिका के फैसले से पूरी रिजल्ट प्रभावित हो सकती है. इसके बाद कोर्ट ने रिज़ल्ट जारी करने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
असिस्टेंट इंजीनियर की नियुक्ति में कोटिवार रिज़ल्ट जारी
प्रार्थी की ओर से पीटी परीक्षा में आरक्षण दिए जाने को गलत बताते हुए एकल पीठ में इससे पहले रिट दायर की गई थी. उनकी ओर से कहा गया था कि सहायक अभियंता नियुक्ति से संबंधित पीटी परीक्षा में आरक्षण देना गलत है. उनकी ओर से पीटी का संशोधित रिजल्ट या उसे रद्द करने का आग्रह भी किया गया था. जिसे एकल पीठ ने खारिज कर दिया था और अब इसे खंडपीठ में चुनौती दी गई है. गौरतलब हो की याचिकाकर्ता भास्कर ने इस मामले में याचिका दायर करते हुए कहा है कि असिस्टेंट इंजीनियर की नियुक्ति में कोटिवार रिज़ल्ट जारी किया गया है.वही आरक्षित श्रेणी के कुछ अभ्यर्थियों को आरक्षण देते हुए सामान्य श्रेणी में रखा गया है, जबकि पीटी परीक्षा में आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है.
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