भाजपा प्रदेश प्रभारी के “अमर्यादित बयान” पर सियासत तेज, झामुमो का सवाल क्या झारखंडियों की इस गाली को पीएम मोदी का भी है सर्मथन प्राप्त

    भाजपा प्रदेश प्रभारी के “अमर्यादित बयान” पर सियासत तेज, झामुमो का सवाल क्या झारखंडियों की इस गाली को पीएम मोदी का भी है सर्मथन प्राप्त

    Ranchi-जैसे-जैसे झारखंड में सियासी सरगर्मी तेज होती दिख रही है, सियासतदानों की बैटिंग भी रफ्तार पकड़ रही है और इस सियासी बैटिंग कई बार अजीबो-गरीब बयान भी सामने आ रहे हैं. अभी चंद दिन पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक के एक बयान के बाद सियासी भूचाल मचा था, जब अजय आलोक ने पूर्व सीएम हेमंत को निशाने पर लेते हुए कहा था कि जिस आदिवासी के पास पॉकेट में एक हजार का नोट नहीं होता, उस समाज से आने वाले आदिवासी ने करोड़ों की जमीन हड़प ली. जैसे ही यह बयान सामने आया, झामुमो की बैटिंग तेज हो गयी, इसे आदिवासी समाज की अस्मिता पर हमला बताया गया, अभी यह विवाद थमा भी नहीं था कि अब झारखंड भाजपा प्रदेश प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी का एक बयान सामने आ गया और एक बार फिर से सियासी तकरार तेज हो गयी, दरअसल लोकसभा चुनाव के पहले यूपी से जुड़ा एक संस्मरण सुनाते हुए लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने भाजपा कार्यकर्ताओं में हौसले का संचार करने की कोशिश की. उन्होंने कहा था कि यूपी में जैसे ही किसी भाजपा कार्यकर्ता पर सपा के गुंडों के द्वारा निशान साधा जाता था, वह तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हो जाते थें और हिसाब किताब बराबर कर देते थें, यहां तक तो ठीक था, लेकिन इसके आगे लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने मां-बहन की ऐसी तैसी करने की शब्दावली का भी उपयोग भी कर दिया, और यही से गेंद झामुमो के पाले में आ गयी.

    मां-बहन वाली शब्दावली पर सियासत तेज

    अब इस मां-बहन वाली शब्दावली को सामने रख झामुमो यह सवाल दाग रही है कि क्या यही भाजपा की भाषा है, इसी भाषा के सहारे देश में महिलाओं का सम्मान की बात की जाती है. और इस भाषा का इस्तेमाल कौन कर रहा है, एक यूपी से आया व्यक्ति, हम झारखंडियों की मां-बहन के प्रति ऐसी अभद्र भाषा का इस्तमाल कर साबित क्या करना चाह रहा है कि हम झारखंडी इसका जवाब नहीं देंगे, निश्चित रुप से हम भाषाई रुप से इस निचले दर्ज तक नहीं गिर सकतें, लेकिन कोई इस गलतफहमी में नहीं रहे कि यूपी से आया कोई व्यक्ति हमारी मां-बहनों के साथ ऐसी-तैसी करने की धमकी दे. और हम चुप्पी साध जायेंगे. झारखंड की जनता से इसका भरपूर देगी. झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी और बाबूलाल से सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि क्या आपको यह भाषा स्वीकार है, क्या आपकी भी सोच वही है, जो लक्ष्मीकांत वाजपेयी की है, क्या बाबूलाल मरांडी भी झारखंडियों की मां बहन को दी जी रही इस गाली में भाजपा के साथ खड़े हैं. सुप्रियो ने पुलिस विभाग से तत्काल इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए लक्ष्मीकांत वाजपेयी को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र सामने आते ही भाजपा की होश उड़ी है, बेहोशी की हालत में अमर्यादित बयान दिये जा रहे हैं.

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