अमेरिका में 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत 30 अवैध भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, जल्द किया जाएगा डिपोर्ट

अमेरिका में 'ऑपरेशन चेकमेट' के तहत 30 अवैध भारतीय ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार, जल्द किया जाएगा डिपोर्ट

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): अब तक आपने फिल्मों में डंकी रूट की कहानियां तो सुनी ही होंगी, जिसके जरिए लोग अवैध रूप से विदेशों की सीमाएं पार करते हैं. वैध पासपोर्ट और वीजा न होने के कारण ऐसे प्रवासी अक्सर दूसरे देशों में जाकर बुरी तरह फंस जाते हैं, और अंततः कानून के उल्लंघन के आरोप में उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ती है या वहां से वापस निकाल दिया जाता है. ऐसा ही एक ताजा मामला अमेरिका से सामने आया है, जहां अवैध रूप से रह रहे और कमर्शियल ट्रक चला रहे करीब 30 भारतीय ड्राइवरों को एक विशेष संघीय अभियान के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्हें अब जल्द ही भारत डिपोर्ट किया जाएगा. दरअसल, अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे और कमर्शियल ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे भारत के लगभग 30 नागरिकों को एक बड़े संघीय अभियान के तहत गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें अधिकारियों के अनुसार जल्द ही देश से निकालकर (डिपोर्ट करके) वापस भारत भेजा जाएगा.

बता दें, अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) द्वारा सोमवार, 1 जून को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, 11 से 15 मई के बीच एरिजोना के युमा सेक्टर के बॉर्डर पेट्रोल एजेंटों ने "ऑपरेशन चेकमेट" नामक एक विशेष अभियान चलाया, जिसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका में कमर्शियल मोटर वाहन (CMV) चला रहे अवैध प्रवासियों की पहचान करना, उन्हें गिरफ्तार करना और सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाना है. इस पांच दिवसीय सघन ऑपरेशन के दौरान कुल 52 ऐसे लोगों को हिरासत में लिया गया जो अमेरिका में बिना वैध कानूनी दर्जे के रह रहे थे, और इनमें से 36 लोग भारी-भरकम सेमी-ट्रक चला रहे थे, जिनमें भारतीय नागरिकों की संख्या लगभग 30 है.

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन पकड़े गए अवैध ड्राइवरों के पास कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और वर्जीनिया जैसे विभिन्न अमेरिकी राज्यों के कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस (CDL) थे, जबकि कुछ ड्राइवरों के पास किसी भी प्रकार का ड्राइविंग लाइसेंस मौजूद नहीं था. इसके अतिरिक्त, अधिकांश पकड़े गए लोगों के पास रोजगार करने की अनुमति देने वाले दस्तावेज (एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट - EAD) तो थे, जो उन्हें जो बाइडेन प्रशासन के दौरान मिले थे, लेकिन वर्तमान में उन दस्तावेजों की वैधता (वैलिडिटी) पूरी तरह खत्म हो चुकी थी, जिससे उनका काम और प्रवास दोनों पूरी तरह अवैध हो चुके थे. इन सभी आरोपियों के खिलाफ अमेरिकी संघीय कानून के सख्त प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उन्हें जल्द से जल्द डिपोर्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल के युमा सेक्टर के कार्यवाहक प्रमुख डस्टिन कॉडल ने इस कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि "ऑपरेशन चेकमेट" हमारे इस अटूट संकल्प को प्रदर्शित करता है कि हम उन अवैध ड्राइवरों से अपने स्थानीय समुदायों और राजमार्गों की सुरक्षा करें, जो बिना वैध दस्तावेजों और उचित मानकों के इतने बड़े वाहन चलाकर सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर व बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं. उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि संघीय एजेंट देश की सीमाओं और आंतरिक मार्गों पर हर दिन मुस्तैदी से गश्त कर रहे हैं ताकि ऐसे नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों को समय रहते रोका जा सके, कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो, और अमेरिका की सड़कों पर होने वाली संभावित घातक दुर्घटनाओं को टाला जा सके.