TNP DESK:IPL 2026 में गुरुवार को गुजरात टाइटन्स और रॉयल चलेंजर्स बंगलोर के बीच हुआ था. जिसमे गुजरात टाइटन्स ने जीत को अपने नाम किया था. लेकिन असली मुद्दा जीत या हार का नहीं है बल्कि Jason Holder की उस विवाद से भारी कैच की रही,जिसने पूरे मैच के स्थिति को गंभीर कर दिया था.
दरअसल, अरशद खान की गेंद पर होल्डर ने आरसीबी के कप्तान रजत पटीदार का कैच लपका. इस कैच को लेकर तुरंत ही विवाद शुरू हो गया. विराट कोहली भी इस फैसले से नाराज दिखे और फोर्थ अंपायर से बहस करते नजर आए. क्रिकेट एक्सपर्ट्स और पूर्व खिलाड़ियों की राय भी इस मामले में बंटी हुई है.
इसी बीच पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने इस कैच पर अपनी राय रखते हुए इसे नॉट आउट बताया. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो फ्रेम्स के जरिए समझाया कि नियमों के हिसाब से यह क्लीन कैच नहीं था.
अनिल चौधरी के मुताबिक, किसी भी कैच को वैध मानने के लिए फील्डर के पास गेंद और अपने शरीर की मूवमेंट पर पूरा कंट्रोल होना जरूरी होता है, जब तक कैच पूरी तरह से पूरा न हो जाए. उन्होंने बताया कि इस कैच के दौरान गेंद की पोजिशन ऐसी थी, जिसमें उंगलियां गेंद के नीचे सही तरीके से नहीं थीं. अगर उंगलियां गेंद के नीचे होतीं, तब इसे साफ कैच माना जा सकता था.
उन्होंने यह भी कहा कि ऑन-फील्ड अंपायर को इस फैसले को टीवी अंपायर के पास भेजना चाहिए था, ताकि सभी एंगल से जांच के बाद स्पष्ट निर्णय लिया जा सके. उनके मुताबिक, फैसला थोड़ी जल्दबाजी में लिया गया और पाटीदार के साथ सख्ती हुई.
चौधरी की राय में, उपलब्ध सबूतों के आधार पर यह कैच नॉट आउट दिया जाना चाहिए था.

