झारखंड में जल्द शुरू होगा SIR, राज्य के बाहर से आए मतदाताओं के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया फरवरी के दूसरे सप्ताह से शुरू होने की संभावना है. यदि भारत निर्वाचन आयोग को राज्य की प्रारंभिक तैयारियां संतोषजनक लगीं, तो 16 फरवरी से इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की जा सकती है.
SIR को लेकर उन मतदाताओं के बीच खासा असमंजस बना हुआ है, जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में किसी अन्य राज्य में दर्ज था और बाद में वे झारखंड के मतदाता बने. इसके साथ ही अक्टूबर 2024 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के बाद जिन युवाओं की उम्र अब 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
नए मतदाता अभिभावकों के दस्तावेज के आधार पर जुड़ सकेंगे
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि जिन नागरिकों का नाम वर्ष 2003 या अन्य विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान किसी दूसरे राज्य की मतदाता सूची में दर्ज था, उनका सत्यापन बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा किया जाएगा. यह प्रक्रिया BLO ऐप के माध्यम से फिजिकल वेरिफिकेशन पर आधारित होगी, जिसमें संबंधित राज्य की मतदाता सूची से मिलान कर स्थिति स्पष्ट की जाएगी. वहीं पहली बार मतदाता बनने वाले युवा घोषणा पत्र के साथ माता या पिता के वैध दस्तावेज संलग्न कर फार्म-6 भर सकते हैं और उसे BLO के पास जमा कर सकते हैं.
पैरेंटल मैपिंग पर रहेगा विशेष फोकस
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पैरेंटल मैपिंग का कार्य अंतिम चरण में है. इसके पूरा होने के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण पूरी तरह भौतिक सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। आयोग ने झारखंड के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार वर्ष के रूप में तय किया है. ऐसे में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आ सकते हैं, जिनका नाम उस समय किसी अन्य राज्य की सूची में था.
आयोग ने पहचान में सहूलियत के लिए अपनी वेबसाइट पर पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित मतदाता सूचियों की डिजिटल प्रतियां सार्वजनिक कर दी हैं, जिनके आधार पर BLO सत्यापन करेंगे. निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो.
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