टीएनपी डेस्क (TNP DESK): वैश्विक तनाव, खासकर ईरान–अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगे हैं. एलपीजी आपूर्ति पर दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई दोगुनी करने का फैसला किया है, ताकि देशभर में गैस की उपलब्धता बनी रहे और लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े.
दोगुनी सप्लाई से राहत
पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश के अनुसार, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलने वाले 5 किलो एलपीजी सिलेंडर का दैनिक आवंटन अब पहले से दोगुना कर दिया गया है. यह फैसला 2 मार्च से 24 मार्च 2026 के बीच की औसत खपत के आधार पर लिया गया है. इससे पहले सप्लाई में केवल 20% तक की बढ़ोतरी की सीमा तय थी, जिसे अब बढ़ाकर काफी ज्यादा कर दिया गया है.
सरकार ने साफ किया है कि अतिरिक्त सिलेंडर खास तौर पर प्रवासी मजदूरों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके लिए राज्य सरकारों के खाद्य एवं आपूर्ति विभागों को जिम्मेदारी दी गई है. तेल विपणन कंपनियों की मदद से इन सिलेंडरों का वितरण किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों तक सीधे राहत पहुंचे.
बिना एड्रेस प्रूफ भी मिलेगा गैस
इस फैसले की सबसे बड़ी राहत यह है कि अब 5 किलो का ‘फ्री ट्रेड एलपीजी’ सिलेंडर बिना एड्रेस प्रूफ के भी खरीदा जा सकेगा. ‘छोटू’ नाम से लोकप्रिय यह सिलेंडर खासकर उन लोगों के लिए है, जो किराये पर रहते हैं या बार-बार स्थान बदलते हैं जैसे प्रवासी मजदूर और छात्र. अब ग्राहक केवल एक पहचान पत्र दिखाकर यह सिलेंडर खरीद सकते हैं. इसके साथ ही ‘बायबैक’ सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे खाली सिलेंडर लौटाकर नया लिया जा सकता है.
बुकिंग नियमों में भी बदलाव
सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए बुकिंग अंतराल में भी बदलाव किया है. अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन के अंतराल पर सिलेंडर बुक किया जा सकेगा. इसके अलावा, वैकल्पिक ईंधनों जैसे केरोसिन और कोयले की उपलब्धता भी बढ़ाई जा रही है.
लाखों लोगों को मिला लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब 51 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं. सरकार का दावा है कि आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी वर्ग को गैस की कमी का सामना न करना पड़े. कुल मिलाकर, यह फैसला खासकर गरीब, प्रवासी और अस्थायी निवास करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी थोड़ी आसान हो सके.
Thenewspost - Jharkhand
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