एंग्जायटी ने कर दिया है जीना हराम तो, ना लें टेंशन, अपनाएं 5-4-3-2-1 फॉर्मूला, पढ़ें क्या है ये और कैसे करता है काम


टीएनपी डेस्क(TNP DESK):आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में सभी लोग बस चका चौंध की तरफ भागे जा रहे है.कहीं वो पीछे ना छूट जाए इसकी टेंशन में लोग रातों-दिन काम करते है लेकिन इस तरह प्रेशर में आकर काम करना हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है जिसके बाद हम धीरे-धीरे नेगेटिव महसूस करते है, तनाव लेने की वजह से चिंता हमें रात दिन सताने लगती है. जिसकी वजह से हमारे शरीर पर इसका सीधा-सीधा असर दिखता है वही हम अपने काम पर भी फोकस नहीं कर पाते है.
शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर देती है चिंता
मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है,जो हमारे शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर देती है. हम ऊपर से तो स्वस्थ दिखते है, लेकिन अंदर ही अंदर एक चिंता में डूबे हुए होते है जिससे निकलना काफी ज्यादा मुश्किल हो जाता है,अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है और आप हमेशा नेगेटिव फील करते है स्ट्रेस या एंग्जाइटी महसुस करते है तो आज हम आपको एक ऐसा हेल्थ टिप्स देने वाले है, जो आपके मानसिक स्वास्थ्य को पूरी तरह से सही कर देगा.
क्या हैं 5-4- 3-2-1 का फॉर्मूला
दरअसल जो लोग भी नेगेटिव फील करते है या फिर एंग्जाइटी महसुस करते है उनके लिए 5-4- 3-2-1 का फॉर्मूला काफी ज्यादा कामगार साबित होता है.अब आपको लगता होगा आख़िर ये फॉर्मूला है क्या, तो आपको बता दें कि नेगेटिव फीलिंग आने पर या फिर तनाव महसूस करने पर इस तकनीक की मदद ली जाती है,अगर आप इसको रोजाना अभ्यास करें तो चिंता आपको दूर-दूर तक नहीं परेशान करेगी. अब सबसे पहले इस तकनीक को कैसे अभ्यास करना है इसके बारे में हमको हम आपको बताएंगे.
इस तरह करें शूरूआत
इस तकनीक की शुरुआत से पहले आपको कुछ आसान अभ्यास करना होगा, जिसमे आपको धीरे-धीरे गहरी सांस लेनी है और धीरे-धीरे ही उसे छोड़ना है. वही इसके बाद आपको ऐसी पांच चीजों को नोटिस करना है, जो आपको आस-पास दिखाई दे रही है जिसमे से चार चीजें ऐसी होनी चाहिए जिसे हाथों से टच किया जा सकता है.
इस तरह अपने दिमाग को करे इनवॉल्व
इस तकनीक में तीन का मतलब ऐसी तीन आवाज पर ध्यान देना है जिन्हे सुना जा सकता है.वही दो का मतलब ऐसी दो चीजें है जिन्हें स्मेल किया जा सकता है या सुंघा जा सकता है.वही अंत में एक ऐसी चीज जिसे खाया पिया जा सकता है.ऐसा करने से हमारे पांचों इंद्रिया इसको सोचने में लग जाती हैं जिससे हम मानसिक तनाव को भूल जाते है.
दिमाग पर असर पड़ता है सकारात्मक
ग्राउंडिंग तकनीक आपके मानसिक तनाव को कम करती है और आपके दिमाग पर इसका सकारात्मक असर पड़ता है.जब आप इस तकनीक में आप सभी चीजों को ढूंढते हैं या फिर फील करते हैं तो आप मानसिक तनाव को भूल जाते हैं और नकारात्मक विचारों से छुटकारा मिल जाता है.जिससे तनाव और चिंता से छुटकारा पाया जा सकता है.यदि आप रोजाना अभ्यास करते है तो कुछ ही सप्ताह में आपको सकारात्मक असर दिखने लगेगा.
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