हजारीबाग (HAZARIBAGH): जिले के विष्णुगढ़ में घटित नर्भया कांड को लेकर लोगों के मन में कई सारे सवाल हैं, जिनमें से सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह घिनौना कृत्य किसी ने किया ही क्यों और इसके पीछे की वजह आखिर क्या रही होगी. ऐसे में मासूम बच्ची की हत्या के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. एसआईटी की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि इस वारदात के पीछे अवैध संबंधों को छिपाने की साजिश हो सकती है. पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर कई अहम सुराग जुटाए हैं, जिससे मामले की दिशा बदल गई है.
जांच के क्रम में पुलिस ने मृत बच्ची की मां, उसके कथित प्रेमी और एक स्थानीय नेता को हिरासत में लिया है. अधिकारियों का मानना है कि ये लोग इस पूरे घटनाक्रम में अहम भूमिका निभा सकते हैं. पूछताछ के दौरान जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने जांच टीम को भी हैरान कर दिया है.
सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली रात गांव में मंगला जुलूस निकला था, जिससे अधिकांश लोग घरों से बाहर थे और आसपास सन्नाटा था. इसी दौरान महिला ने अपने प्रेमी को घर बुलाया. बताया जा रहा है कि दोनों कमरे में थे, तभी बच्ची वहां पहुंच गई और उसने उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया.
इस स्थिति से घबराकर महिला को यह डर सताने लगा कि बच्ची इस बात को उजागर कर सकती है. इसी आशंका में उसने अपने प्रेमी के साथ मिलकर बच्ची की हत्या कर दी. जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात के बाद महिला खुद अपने प्रेमी के साथ शव को ठिकाने लगाने में शामिल रही.
इस जघन्य घटना के सामने आने के बाद पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया है. विरोध स्वरूप राजनीतिक संगठनों द्वारा बंद और मशाल जुलूस जैसे कार्यक्रमों का आह्वान किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड उच्च न्यायालय ने भी स्वतः संज्ञान लिया है और राज्य के डीजीपी व गृह सचिव को नोटिस जारी किया है. पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से कोर्ट के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं. पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल पूरे राज्य की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है.
Thenewspost - Jharkhand
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