OTP स्कैम के शिकार हुए हैं आप? जानिए ऐसे मामलों में मुआवजे को लेकर क्या है आपका अधिकार

    OTP स्कैम के शिकार हुए हैं आप? जानिए ऐसे मामलों में मुआवजे को लेकर क्या है आपका अधिकार

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत देने की तैयारी कर ली है. खासकर OTP स्कैम जैसे मामलों में लोगों को होने वाले नुकसान को देखते हुए आरबीआई ने छोटे मूल्य की धोखाधड़ी के लिए नया मुआवजा ढांचा पेश करने की घोषणा की है. इसका मकसद उन ग्राहकों को तुरंत राहत देना है, जो सीमित रकम की ठगी का शिकार हो जाते हैं.

    आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, देश में दर्ज होने वाले कुल फ्रॉड मामलों में करीब 65 प्रतिशत मामले ऐसे होते हैं, जिनमें ठगी की रकम 50 हजार रुपये से कम होती है. राशि भले ही छोटी हो, लेकिन इन मामलों की संख्या बहुत ज्यादा होने के कारण आम और मध्यम वर्गीय ग्राहकों पर इसका सीधा असर पड़ता है. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह नया प्रस्ताव तैयार किया है.

    नए मुआवजा ढांचे के तहत अगर किसी ग्राहक के खाते से 25 हजार रुपये तक की धोखाधड़ी होती है, तो उसे सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं माना जाएगा. ऐसे मामलों में ग्राहक से लंबी पूछताछ या जटिल प्रक्रिया नहीं की जाएगी. आरबीआई का कहना है कि छोटे फ्रॉड मामलों में त्वरित राहत देना जरूरी है, ताकि ग्राहकों का बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा बना रहे.

    आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के तहत सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जाएगा. सिस्टम में ऐसे नियम बनाए जाएंगे, जिससे कोई भी व्यक्ति जानबूझकर इस सुविधा का गलत इस्तेमाल न कर सके. यानी यह सुविधा केवल वास्तविक पीड़ित ग्राहकों के लिए ही होगी.

    प्रस्तावित नियमों के अनुसार, मुआवजे की राशि तीन हिस्सों में बंटी होगी. इसमें 15 प्रतिशत हिस्सा ग्राहक का, 15 प्रतिशत हिस्सा संबंधित बैंक का होगा, जबकि बाकी बची हुई राशि आरबीआई द्वारा मुआवजे के रूप में दी जाएगी. इस साझेदारी का उद्देश्य सभी पक्षों की जिम्मेदारी तय करना और सिस्टम को संतुलित बनाए रखना है. आरबीआई का मानना है कि इससे छोटे जमाकर्ताओं को तुरंत आर्थिक राहत मिलेगी.

    हालांकि केंद्रीय बैंक ने यह भी साफ कर दिया है कि यह मुआवजा सुविधा किसी भी ग्राहक को केवल एक बार ही दी जाएगी. बार-बार लापरवाही, नियमों की अनदेखी या सुरक्षा निर्देशों का पालन न करने पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. आरबीआई ने ग्राहकों से अपील की है कि वे किसी के साथ OTP साझा न करें, संदिग्ध कॉल या लिंक से बचें और अपनी बैंकिंग जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखें.

    कुल मिलाकर, आरबीआई का यह कदम छोटे ग्राहकों के लिए राहत भरा है और साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी देता है.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news