टीएनपी डेस्क(TNP DESK): क्या आपके पीरियड्स बार-बार लेट हो रहे हैं, अचानक वजन बढ़ रहा है, चेहरे पर मुंहासे और बाल झड़ने की समस्या भी शुरू हो गई है. अक्सर महिलाएं इन समस्याओं को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, सबसे बड़ी बात ये है कि आज भी बहुत सी महिलाओं को पता ही नहीं होता कि उनके शरीर में ये समस्या धीरे-धीरे बढ़ रही है. अनियमित पीरियड्स, हार्मोनल बदलाव और भविष्य में गर्भ-धारण से जुड़ी परेशानी तक का कारण बन सकती हैं तो आखिर पीसीओडी और पीसीओएस में क्या फर्क है शरीर में कौन-कौन से संकेत मिलते हैं चलिए जानत है.
PCOD (Polycystic Ovarian Disease) में महिलाओं के अंडाशय में छोटे-छोटे सिस्ट बनने लगते हैं, जिससे हार्मोन असंतुलन हो जाता है और पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं. वहीं PCOS (Polycystic Ovary Syndrome) एक ज्यादा गंभीर हार्मोनल और मेटाबॉलिक समस्या है, जिसमें शरीर में पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) का स्तर बढ़ जाता है और इसके लक्षण ज्यादा स्पष्ट दिखाई देते हैं.
PCOD मुख्य रूप से लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है, जिसे सही खान-पान और नियमित एक्सरसाइज से कंट्रोल किया जा सकता है. PCOS एक गंभीर स्थिति है, जिसमें हार्मोनल असंतुलन ज्यादा होता है और इसका असर लंबे समय तक रह सकता है।
शरीर में दिखने वाले लक्षण जिसमें शामिल है पीरियड्स का अनियमित होना या 2–3 महीने तक मिस होना , बहुत ज्यादा या बहुत कम ब्लीडिंग, अचानक वजन बढ़ना ,चेहरे पर पिंपल्स और ऑयली स्किन, बाल झड़ना ,चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल आना , थकान और कमजोरी महसूस होना इन सभी लक्षण को नजंर अंदाज ना करें.
अगर आप इन लक्षणों को अनदेखा करते है तो आने वाले समय में कई समस्याएं हो सकती हैं, जैसे: गर्भधारण में परेशानी ,लगातार हार्मोनल असंतुलन ,डायबिटीज का बढ़ता खतरा बढ़ सकता है.
इसके बचाव और कंट्रोल करने के आसान तरीके है बस आपको खुद का ध्यान रखना होगा उसके लिए आपको रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करना होगा, जंक फूड और ऑयली खाने से बचें, वजन को संतुलित रखें, तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें, समय-समय पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें. अगर आपके शरीर में ये लक्षण नजर आ रहे हैं, तो इन्हें हल्के में न लें. सही समय पर पहचान और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाकर PCOD और PCOS को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है.
Thenewspost - Jharkhand
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