TNP DESK : यह सिर्फ एक लाइन नहीं बल्कि आज की युवा पीढ़ी की एक खतरनाक हकीकत बन चुकी है. सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में लोग अपनी जान तक जोखिम में डाल रहे हैं. कुछ सेकंड की वीडियो के लिए ऐसे-ऐसे स्टंट किए जा रहे हैं जो न केवल अवैध है बल्कि जानलेवा भी साबित हो रहे हैं.
महज चंद प्रसिद्धि के लिए जिंदगी दांव पर लगा देते हैं लोग
आज के दौर में इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक वीडियो ने हर किसी को ‘क्रिएटर’ बना दिया है. लोग रातों-रात फेमस होने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं. खासकर युवाओं में लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स की होड़ इतनी बढ़ गई है कि वे जोखिम की परवाह ही नहीं करते. रेलवे ट्रैक पर चलती ट्रेन के सामने स्टंट करना, ऊंची इमारतों से लटककर वीडियो बनाना, बाइक से खतरनाक स्टंट करना ये सब आम होता जा रहा है.ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां रील बनाने के दौरान युवाओं की मौत तक हो चुकी है. कुछ लोग नदी या झील में कूदते वक्त अपनी जान गंवा देते हैं तो कुछ तेज रफ्तार बाइक स्टंट के दौरान हादसे का शिकार हो जाते हैं. इन घटनाओं से यह साफ होता है कि कुछ सेकंड की प्रसिद्धि के लिए लोग अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं.
बड़ा कारण सोशल वैलिडेशन’ यानी दूसरों से मिलने वाली सराहना
इस ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ा कारण है सोशल वैलिडेशन’ यानी दूसरों से मिलने वाली सराहना. जब किसी की वीडियो वायरल होती है तो वह दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाती है लेकिन गलत दिशा में. लोग यह नहीं समझते कि हर स्टंट के पीछे जोखिम छिपा होता है और हर कोई उतना सक्षम या प्रशिक्षित नहीं होता कि वह सुरक्षित तरीके से उसे कर सके.सरकार और प्रशासन भी लगातार लोगों को जागरूक करने की कोशिश कर रहे हैं. रेलवे, पुलिस और ट्रैफिक विभाग समय-समय पर चेतावनी जारी करते हैं कि ऐसे स्टंट करना कानूनन अपराध है. कई जगहों पर ऐसे वीडियो बनाने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया है और कानूनी कार्रवाई भी की गई है. बावजूद इसके यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा.
असली हीरो वही है जो सुरक्षित रहकर अपनी प्रतिभा दिखाए
जरूरत है सोच बदलने की. सोशल मीडिया का इस्तेमाल क्रिएटिविटी दिखाने के लिए होना चाहिए न कि जान जोखिम में डालने के लिए. अगर कंटेंट अच्छा होगा तो वह बिना खतरनाक स्टंट के भी वायरल हो सकता है. असली हीरो वही हैजो सुरक्षित रहकर अपनी प्रतिभा दिखाए.परिवार और दोस्तों की भी जिम्मेदारी है कि वे युवाओं को समझाएं और ऐसे खतरनाक ट्रेंड से दूर रखें. स्कूल और कॉलेज स्तर पर भी डिजिटल अवेयरनेस जरूरी है ताकि युवा सही और गलत का फर्क समझ सकें
जिंदगी किसी भी वायरल वीडियो से कहीं ज्यादा कीमती
अंत में यह याद रखना बेहद जरूरी है कि जिंदगी किसी भी वायरल वीडियो से कहीं ज्यादा कीमती है. कुछ लाइक्स और फॉलोअर्स के लिए अपनी जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं बल्कि एक बड़ी भूल है. Reel बनाइए लेकिन सुरक्षित रहकर क्योंकि अगर जान ही नहीं रहेगी तो शोहरत का क्या मतलब ?
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