CM Fellowship Scheme: अब मेधावी छात्रों को मिलेगा बड़ा मौका, जानिए कौन उठा सकता है लाभ

    CM Fellowship Scheme: अब मेधावी छात्रों को मिलेगा बड़ा मौका, जानिए कौन उठा सकता है लाभ

    टीनपी डेस्क (TNP DESK): अगर आप उच्च शिक्षा (Higher Education) के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं या फिर देश के बड़े और नामी संस्थानों से तकनीकी या प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं, या फिर रिसर्च (PhD) के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. झारखंड सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना' (Chief Minister Fellowship Scheme) होनहार और जरूरतमंद छात्रों के लिए एक वरदान साबित हो रही है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित होने से बचाना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर देना है.

    इस फेलोशिप योजना का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि यह ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेज्युएशन और पीएचडी के छात्रों को कवर कर सके. पहली श्रेणी में देश के टॉप 100 से अधिक प्रतिष्ठित संस्थानों (जैसे- IIT, IIM, NIT, AIIMS, XLRI आदि) में पढ़ाई कर रहे झारखंड के छात्रों को तकनीकी और व्यावसायिक स्तर की स्कॉलरशिप दी जाती है, जिसमें बी.टेक, एमबीबीएस, एमबीए और एलएलबी जैसे कोर्सेज शामिल हैं. दूसरी श्रेणी अनुसंधान स्कॉलरशिप (Research Fellowship) की है, जो झारखंड के राज्य विश्वविद्यालयों या मान्यता प्राप्त निजी विश्वविद्यालयों में पीएचडी कर रहे शोधार्थियों के लिए है.

    इस योजना के तहत छात्रों को मिलने वाली आर्थिक मदद काफी शानदार है, जिससे वे बिना किसी वित्तीय बोझ के अपनी पढ़ाई और रिसर्च पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. पीएचडी के लिए यूजीसी-नेट या सीएसआईआर-नेट क्वालिफाइड शोधार्थियों को ₹25,000 प्रति माह और जेट (JET) क्वालिफाइड छात्रों को ₹22,500 प्रति माह की फेलोशिप अधिकतम 3 वर्षों के लिए दी जाती है. इसके अलावा, पीएचडी प्रवेश परीक्षा के टॉपर्स को ₹15,000 प्रति माह मिलते हैं. साथ ही, राष्ट्रीय सम्मेलन में रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन के लिए ₹50,000 और विदेश में इंटरनेशनल पेपर प्रेजेंटेशन के लिए ₹1 लाख से ₹2 लाख तक की अतिरिक्त एकमुश्त सहायता दी जाती है.

    इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को कुछ अनिवार्य पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा. सबसे पहले, आवेदक के पास झारखंड राज्य का वैध स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र होना जरूरी है. दूसरी बड़ी शर्त यह है कि छात्र के माता-पिता आयकर दाता (Income Tax Payee) नहीं होने चाहिए, यानी परिवार की आय आर्थिक रूप से कमजोर या मध्यम वर्ग के दायरे में हो. इसके अलावा, छात्र वर्तमान शैक्षणिक वर्ष में किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की स्कॉलरशिप का लाभ न ले रहा हो. पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन या नेट/जेट परीक्षा पास होना और प्रोफेशनल कोर्सेज के लिए देश के चुनिंदा शीर्ष संस्थानों में मेरिट के आधार पर दाखिला होना अनिवार्य है.

    इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और ऑनलाइन है. इच्छुक छात्रों को सबसे पहले झारखंड सरकार के आधिकारिक मुख्यमंत्री फेलोशिप पोर्टल पर जाकर 'New Registration' करना होगा. पंजीकरण के बाद अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करके छात्र अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार सही श्रेणी का चयन कर सकते हैं. फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी, पारिवारिक आय और वर्तमान शैक्षणिक संस्थान (Academic Details) की सटीक जानकारी दर्ज करने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज (जैसे आधार, निवास, आय प्रमाण पत्र, मार्कशीट और एडमिशन लेटर) अपलोड करने होंगे. भरे गए विवरण को जांचकर फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें.



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