AAP नेता राघव चड्ढा की बढ़ी मुश्किलें, अब राज्यसभा में नहीं मिलेगा बोलने का मौका, जानिए क्या है कारण

    राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ा झटका लगा है. अमूमन अपनी बयानबाजी और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाकर सुर्खियों में रहने वाले आम आदमी पार्टी के नेता को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया गया है. यह संगठनात्मक फ़ैसला AAP ने गुरुवार को लिया है जिसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है. ऐसे में अब उनकी जगह अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर औपचारिक जानकारी दी है.

    AAP नेता राघव चड्ढा की बढ़ी मुश्किलें, अब राज्यसभा में नहीं मिलेगा बोलने का मौका, जानिए क्या है कारण

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बड़ा झटका लगा है. अमूमन अपनी बयानबाजी और मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाकर सुर्खियों में रहने वाले आम आदमी पार्टी के नेता को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया गया है. यह संगठनात्मक फ़ैसला AAP ने गुरुवार को लिया है जिसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है. ऐसे में अब उनकी जगह अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर औपचारिक जानकारी दी है.

    पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि अब सदन में पार्टी की ओर से बोलने का समय राघव चड्ढा को न दिया जाए. हालांकि, इस फैसले के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की गई है. माना जा रहा है कि पिछले कुछ समय से उनकी पार्टी गतिविधियों से दूरी एक कारण हो सकती है.

    बताते चलें कि राघव चड्ढा वर्ष 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक जारी रहेगा. हाल के समय में उन्होंने पार्टी से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बयान देने से भी परहेज किया. यहां तक कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में राहत मिलने के बाद भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

    इसके बावजूद, संसद में वे सक्रिय रहे और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे. शीतकालीन सत्र 2025 में उन्होंने गिग वर्कर्स के कम वेतन, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे विषयों को उठाया. वहीं, बजट सत्र 2026 के दौरान खाद्य मिलावट, एयरपोर्ट पर सस्ता भोजन, 28 दिन के बजाय पूरे महीने का मोबाइल रीचार्ज, बैंक पेनल्टी खत्म करने, संयुक्त इनकम टैक्स फाइलिंग और पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने जैसे मुद्दों पर आवाज उठाई.

    नए उपनेता अशोक मित्तल भी पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और 2022 में ही संसद पहुंचे थे. वे जालंधर के निवासी हैं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक और चांसलर हैं. राजनीति में आने से पहले वे एक सफल उद्योगपति के रूप में जाने जाते थे और उनका परिवार ‘लवली ग्रुप’ के जरिए ऑटोमोबाइल और मिठाई कारोबार से जुड़ा रहा है. AAP का यह फैसला पार्टी के अंदरूनी समीकरणों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई कारण सामने नहीं आया है.


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