चाईबासा:पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस,ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई से 48 गौवंश को कथित तौर पर तस्करों के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया गया. यह कार्रवाई रेलवे स्टेशन सिमपोकरिया क्षेत्र के अंतर्गत तूतूगूतू गांव में की गई.
तत्काल कार्रवाई शुरू
जानकारी के अनुसार, सूचना मिली कि तूतूगूतू गांव के पास बड़ी संख्या में गौवंश को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और तत्काल कार्रवाई शुरू की. इसके बाद बजरंग दल के गौ रक्षा जिला अध्यक्ष साबिर पाल, भाजपा युवा नेता दुवारिका शर्मा तथा विभिन्न सामाजिक और गौ-सेवा संगठनों के कार्यकर्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे.
सुरक्षित मुक्त कराया गया
पुलिस, ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से सभी 48 गौवंश को सुरक्षित मुक्त कराया गया. इस अभियान में स्थानीय ग्रामीणों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे बिना किसी बड़ी परेशानी के सभी पशुओं को सुरक्षित निकाला जा सका.
देखभाल सही तरीके से हो सके
बचाए गए गौवंश को गौशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई. हालांकि, गौशाला में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए कुछ गौवंश को स्थानीय ग्रामीणों की सुपुर्दगी में दिया ताकि उनकी देखभाल सही तरीके से हो सके.
घटनाओं पर रोक लगाई जा सके
इस दौरान उपस्थित लोगों ने सरकार और प्रशासन से गौ तस्करी के मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की. उनका कहना था कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.
गौ संरक्षण में सहयोग करें
सामाजिक संगठनों ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशु कल्याण से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी गौ तस्करी जैसी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें और कानून के दायरे में रहकर गौ संरक्षण में सहयोग करें
