249 की रफ्तार से दौड़ेगी भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन, मुंबई-अहमदाबाद का सफर होगा हाईटेक

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Digital News Desk • November 3, 2026

भारत में हाईस्पीड रेल यात्रा का सपना अब हकीकत के करीब पहुंच रहा है. मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हैं. इस परियोजना के तहत भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है.

भारत में हाईस्पीड रेल यात्रा का सपना अब हकीकत के करीब पहुंच रहा है. मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हैं. इस परियोजना के तहत भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है. आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह ट्रेन देश में रेल यात्रा की तस्वीर बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है. इसकी रफ्तार और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं इसे खास बनाएंगी.

प्रस्तावित जानकारी के मुताबिक, ‘भारत 28’ नाम की इस ट्रेन में आठ कोच होंगे, जिनमें एक बार में करीब 557 यात्री सफर कर सकेंगे. ट्रेन को यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है. इसमें आरामदायक सीटों के साथ वाई-फाई, मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है. इसके अलावा, दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष सुविधाएं भी शामिल की जाएंगी, ताकि यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुलभ हो सके.

रफ्तार की बात करें तो इस ट्रेन के 249 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने की जानकारी सामने आई है, जबकि इसकी अधिकतम परीक्षण गति 280 किलोमीटर प्रति घंटे तक बताई जा रही है. हालांकि, परीक्षण के दौरान हासिल की जाने वाली गति और नियमित व्यावसायिक परिचालन की गति अलग-अलग हो सकती है. ट्रेन की वास्तविक परिचालन गति संबंधित परीक्षणों और रेलवे की मंजूरी पर निर्भर करेगी.

मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरिडोर देश की महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाओं में शामिल है. इसका उद्देश्य दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा को तेज, आरामदायक और आधुनिक बनाना है. परियोजना के तहत हाईस्पीड रेल ट्रैक, स्टेशनों और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है.

रेलवे का लक्ष्य अगस्त 2027 से व्यावसायिक परिचालन शुरू करने का बताया जा रहा है. यदि निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम पूरा होता है, तो यह परियोजना भारत में हाईस्पीड रेल परिवहन के एक नए दौर की शुरुआत कर सकती है.