चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड अंतर्गत चिटीमिटी ग्रामसभा के बालू घाट को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है. बालू उठाव के लिए जारी किए गए एक चालान की वैधता पर सवाल उठने लगे हैं. प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सह सीओ पवन आशीष लकड़ा ने चालान को सही नहीं बताते हुए इसे गैरकानूनी करार दिया है.
बीडीओ पवन आशीष लकड़ा के अनुसार, चिटीमिटी ग्रामसभा ने बालू घाट के संबंध में उपायुक्त (डीसी) को आवेदन दिया है, जिसकी एक प्रतिलिपि उन्हें भी प्राप्त हुई है. हालांकि, इस मामले में ग्रामसभा को अब तक किसी प्रकार का आधिकारिक आदेश नहीं मिला है. इसके बावजूद बालू उठाव के लिए चालान काटा जाना नियमविरुद्ध है.
चालान की वैधता पर उठे सवाल
सामने आए चालान पर 31 अक्टूबर 2026 की तारीख दर्ज है. इसमें 100 घनफीट बालू के लिए 500 रुपये की राशि अंकित है. चालान पर वाहन मालिक, चालक और अन्य विवरण भी लिखे गए हैं. दस्तावेज पर चिटीमिटी ग्रामसभा बालू घाट का उल्लेख किया गया है.
अब सवाल यह उठता है कि जब ग्रामसभा को बालू घाट संचालन के संबंध में सक्षम प्राधिकार से कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, तो किस आधार पर चालान जारी किया जा रहा है. मामले में संबंधित विभाग की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है.
ओपी प्रभारी पर लगाया पेसा कानून के उल्लंघन का आरोप, कार्रवाई की मांग
दूसरी तरफ इसी मामले को लेकर तांतनगर प्रखंड अंतर्गत चिटीमिटी गांव में रविवार को ग्रामीण मुंडा जगन्नाथ सवैया की अध्यक्षता में पारंपरिक ग्रामसभा आयोजित की गई. इसमें गांव की सीमा के भीतर स्थित बालू घाट के प्रबंधन, राजस्व वसूली और पेसा नियमावली-2025 के तहत ग्रामसभा के अधिकारों को लेकर चर्चा हुई. ग्रामसभा ने तांतनगर ओपी प्रभारी अरविंद कुमार कुशवाहा के कथित रवैये की निंदा करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
ग्रामसभा की ओर से पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत ग्रामीण गांव की सीमा में स्थित बालू घाट का नियंत्रण एवं प्रबंधन कर रहे थे. इसके लिए चेकनाका बनाया गया था और रसीद काटने के लिए दो सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई थी. आरोप है कि दो दिन बाद तांतनगर ओपी प्रभारी अरविंद कुमार कुशवाहा वहां पहुंचे और ग्रामसभा की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार का अनुमति पत्र मांगा. ग्रामसभा का आरोप है कि ओपी प्रभारी अपने साथ रसीद बुक भी ले गए, जिसमें क्रमांक 01 से 50 तक की रसीदें थीं. उन्होंने कथित तौर पर सरकारी अनुमति मिलने तक राजस्व नहीं वसूलने की हिदायत दी.
रसीद बुक वापस करने की मांग
रविवार की ग्रामसभा में दोनों सदस्यों ने इस मामले को उठाया. इसके बाद ग्रामसभा ने ओपी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई करने और जब्त की गई रसीद बुक जल्द वापस कराने की मांग करने का निर्णय लिया. ग्रामसभा ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई पेसा कानून के तहत प्राप्त अधिकारों का उल्लंघन है.
कहा गया है कि इस मामले में पहले ही पंचायती राज विभाग और ग्रामीण विकास विभाग, रांची के सचिवों तथा ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय को शिकायत भेजी जा चुकी है. ग्रामसभा ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन करने पर विचार किया जाएगा.
इसके अलावा, ग्रामसभा में लिए गए प्रमुख निर्णयों को गांव के सार्वजनिक स्थल पर सूचना पट के माध्यम से प्रदर्शित करने पर सहमति बनी, ताकि ग्रामीणों को ग्रामसभा और पेसा कानून के अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके.इस मामले में थाना प्रभारी अरविंद कुशवाहा ने कहा कि यह अवैध तरीके से चालान काटी जा रही थी, जिसे हमने जब्त कर लिया है. इसकी उचित जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
