घर में अंगीठी जलाकर सोया परिवार, सुबह मचा कोहराम, एक मासूम की मौत, मां और दो बेटियां इलाजरत

THENEWSPOST
THENEWSPOST

Digital News Desk • November 3, 2026

दुमका से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेहराबांक गांव में एक कमरा में मां और उसकी तीन बेटियां बेहोशी की हालत में मिलीं. सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों की चिंता बढ़ी. अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया गया तो वहां का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए. मां और तीनों बेटियां अचेत अवस्था में पड़ी थीं. आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए दुमका सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक बेटी निक्की कुमारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं मां, एक नवजात समेत दो अन्य बेटियों का इलाज चल रहा है.

दुमका (DUMKA): झारखंड की उपराजधानी दुमका से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बेहराबांक गांव में एक कमरा में मां और उसकी तीन बेटियां बेहोशी की हालत में मिलीं. सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों की चिंता बढ़ी. अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया गया तो वहां का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए. मां और तीनों बेटियां अचेत अवस्था में पड़ी थीं. आनन-फानन में सभी को इलाज के लिए दुमका सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक बेटी निक्की कुमारी को मृत घोषित कर दिया. वहीं मां, एक नवजात समेत दो अन्य बेटियों का इलाज चल रहा है.

Image

रात में घर से दूर था पिता, मां और बेटियां सो रही थीं कमरे में
जानकारी के अनुसार बेहराबांक गांव निवासी दिलीप सिंह रात में रिंग रोड स्थित अपने लाइन होटल में ही सो गए थे. घर पर उनकी पत्नी रीना देवी और पांच बेटियां थीं. बताया जाता है कि 11 दिन की नवजात बच्ची की देखभाल के लिए मां रीना देवी दो अन्य बेटियों और नवजात के साथ एक कमरे में सोई थी, जबकि दो बेटियां दूसरे कमरे में सो रही थीं. सुबह जब घर का दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई.

Image

ठंड से बचाव के लिए जलाई गई थी अंगीठी, बंद थे दरवाजे और खिड़कियां
परिजनों के अनुसार नवजात बच्ची के कारण रात में कमरे के भीतर अंगीठी जलाकर रखी गई थी. घर के दरवाजे और खिड़कियां भी बंद थीं. गृहस्वामी प्रकाश सिंह ने आशंका जताई कि बंद कमरे में अंगीठी जलने के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ होगा. हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.

Image

सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था को लेकर परिजनों में नाराजगी
घटना के बाद मां रीना देवी, नवजात बच्ची और एक अन्य बेटी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. नवजात की स्थिति खतरे से बाहर है जबकि मां और एक अन्य बेटी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. इस दौरान परिजनों ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए. उनका आरोप है कि गंभीर हालत में मरीजों को अस्पताल लाने के बाद भी इलाज के नाम पर उन्हें इधर-उधर दौड़ाया जा रहा है. कोई जिम्मेदारी लेने और मरीजों को देखने वाला नहीं है. परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए बेहतर इलाज की मांग की.

अस्पताल पहुंची पुलिस, परिजनों से कर रही पूछताछ
घटना की सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और परिजनों से पूछताछ कर घटना की जानकारी जुटाई. फिलहाल एक मासूम की मौत से परिवार में मातम पसरा है, जबकि मां और दो अन्य बेटियों की जिंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है. बेहराबांक की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा और शोक का विषय बनी हुई है.

 

रिपोर्ट: पंचम झा