झारखंड के ग्रामीण इलाकों से रोजगार की तलाश में होने वाला पलायन एक बार फिर एक गरीब परिवार के लिए दुखद साबित हुआ है. बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड के साड़म निवासी एक युवक की बंगलौर में सड़क हादसे के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई. शनिवार को जब उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. खास बात यह है कि तीन दिनों के अंदर साड़म में यह दूसरा शव पहुंचा है.
मृतक की पहचान साड़म पश्चिमी पंचायत के नाई टोला निवासी करीब 26 वर्षीय निर्मल ठाकूर उर्फ छूनु के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक निर्मल अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बंगलौर गया था, जहां वह एक कंपनी में सुपरवाइजर के रूप में काम करता था.
बताया गया कि साड़म के कई युवक बंगलौर की अलग-अलग कंपनियों में काम करते हैं. बीते 5 सितंबर को निर्मल मोटरसाइकिल से अपने गांव के एक साथी को ट्रेन पकड़ाने रेलवे स्टेशन गया था. साथी को स्टेशन छोड़ने के बाद वह वापस अपने ठिकाने की ओर लौट रहा था. इसी दौरान पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने उसकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी.
हादसे में निर्मल गंभीर रूप से घायल हो गया. जानकारी मिलने के बाद उसके साथियों और स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
कागजी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद शव को हवाई मार्ग से रांची लाया गया. शनिवार को एंबुलेंस के जरिए शव साड़म पहुंचा. शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे गांव में मातम पसर गया.
निर्मल अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है. इस घटना ने एक बार फिर झारखंड से हो रहे पलायन और दूसरे राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर कब तक झारखंड के युवा रोजगार की तलाश में पलायन का दंश झेलते रहेंगे?
रिपोर्ट: संजय कुमार
