रांची: राजधानी रांची सहित झारखंड के विभिन्न जिलों में करवा चौथ का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना को लेकर महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रख रही हैं. इस अवसर पर महिलाएं सोलह श्रृंगार कर करवा चौथ की पूजा-अर्चना कर रही हैं. हालांकि, इस बार मौसम उनके इंतजार को थोड़ा लंबा कर सकता है.
करवा चौथ की परंपरा के अनुसार महिलाएं शाम को चंद्रमा के दर्शन करती हैं और इसके बाद छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर व्रत खोलती हैं. आमतौर पर पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत का पारण करवाते हैं. लेकिन राजधानी रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव के कारण आसमान में बादल छाए हुए हैं. ऐसे में शाम के समय चंद्रमा के दर्शन होने की संभावना कम जताई जा रही है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बादलों के कारण चांद दिखाई देने में परेशानी हो सकती है. मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने चंद्रोदय के संभावित समय की जानकारी देते हुए बताया कि रांची में शाम 7 बजकर 53 मिनट पर चांद निकलने का समय निर्धारित है. वहीं, जमशेदपुर में 7 बजकर 51 मिनट, बोकारो में 7 बजकर 49 मिनट और धनबाद में 7 बजकर 47 मिनट पर चंद्रोदय का अनुमान है.
मौसम विभाग के मुताबिक देर रात दक्षिणी मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में चांद दिखाई देने की संभावना है, लेकिन इसके आसार कम हैं. ऐसे में चंद्रमा के दर्शन नहीं होने पर व्रत खोलने को लेकर महिलाओं के मन में असमंजस की स्थिति बन सकती है. हालांकि, धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय परंपराओं के अनुसार महिलाएं निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए व्रत खोल सकती हैं.
