गोड्डा(GODDA): झारखंड में सड़क निर्माण को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं. जिले की पांडुबथान पंचायत में धर्मोडीह से कठौन तक बनाई जा रही सड़क के निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने काम बंद करा दिया. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. करीब 74 लाख रुपये की लागत से बन रही इस सड़क को लेकर लोगों में नाराजगी है.
रात के अंधेरे में हो रहा था निर्माण
ग्रामीणों के मुताबिक, धर्मोडीह के पास रात के अंधेरे में सड़क निर्माण का काम कराया जा रहा था. इसी दौरान लोगों ने काम की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे रुकवा दिया. उनका आरोप है कि पुरानी सड़क को पूरी तरह से नहीं उखाड़ा गया था और न ही सड़क पर जमी धूल को ठीक से साफ किया गया. इसके बावजूद अलकतरा मिश्रित सामग्री बिछाकर रोलर चलाया जा रहा था. ग्रामीणों को आशंका है कि इस तरीके से बनी सड़क ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगी.

जनप्रतिनिधियों ने भी जताई नाराजगी
गुरुवार सुबह कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का जायजा लिया. पांडुबथान के मुखिया संजय सिंह ने आरोप लगाया कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से घटिया काम कराया जा रहा है. वहीं, झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्य घनश्याम यादव ने भी निर्माण को मानकों के अनुरूप नहीं बताया. उन्होंने कहा कि मामले को जिला प्रशासन के सामने उठाकर सड़क का निर्माण दोबारा कराने की मांग की जाएगी.
भाजपा नेता बबलू सिंह ने कहा कि सड़क बनाने से पहले धूल की सफाई जरूरी है. ऐसा नहीं होने पर अलकतरा ठीक से नहीं टिकेगा और बारिश के बाद सड़क खराब हो सकती है. उन्होंने निर्माण में केवल खानापूर्ति करने के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देने की मांग की.

JE ने मानी निर्माण में गलती
विवाद बढ़ने के बाद कनीय अभियंता अमित कुमार को मौके पर बुलाया गया. ग्रामीणों ने उनके सामने ही सड़क की परत हाथ से उखाड़कर दिखाई और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए. इस पर जेई ने स्वीकार किया कि काम में गलती हुई हैं. उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी जाएगी और संवेदक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. अब ग्रामीणों की नजर विभाग की अगली कार्रवाई पर है.
रिपोर्ट - अजित कुमार
