रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और पेपरलेस बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने पहल तेज कर दी है. अस्पतालों में मरीजों को रजिस्ट्रेशन और अन्य कागजी प्रक्रियाओं के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए ऑनलाइन सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी की जा रही है. विभाग का फोकस ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही मोबाइल के जरिए कई जरूरी सेवाओं का लाभ ले सकें.
इसी उद्देश्य को लेकर विभाग के मौजूदा सीडेक सॉफ्टवेयर को ज्यादा उपयोगी और सुविधाजनक बनाने पर काम किया जा रहा है. इसी सिलसिले में सोमवार को रिम्स में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच. बिरुआ, डॉ. शैलेश त्रिपाठी, डॉ. एके झा समेत सीडेक के विशेषज्ञ मौजूद रहे.
बैठक में अस्पतालों की मौजूदा डिजिटल व्यवस्था की समीक्षा की गई और मरीजों को ऑनलाइन माध्यम से ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर संभावनाओं पर चर्चा हुई. स्वास्थ्य संयुक्त सचिव और एबीडीएम के झारखंड नोडल अधिकारी दिनेश कुमार यादव ने बताया कि विभाग का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से अधिक डिजिटल बनाना है.
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और अपॉइंटमेंट की सुविधा को मजबूत करने के साथ मरीजों से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर काम किया जा रहा है. इससे अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ कम करने और मरीजों का समय बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से आने वाले समय में मरीजों को अस्पताल की लंबी कतारों और कागजी कार्रवाई से राहत मिल सकती है. साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाने में भी मदद मिलने की संभावना है.
