पलामू: राज्य के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने पंचायत परामर्श यात्रा के दौरान मंगलवार को हैदरनगर प्रखंड की हैदरनगर पश्चिमी, इमामनगर बारेवा, बभांडीह और मोकहर कला पंचायतों का भ्रमण कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं. उन्होंने ग्रामीणों को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया.
हैदरनगर पश्चिमी पंचायत में ग्रामीणों ने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हैदरनगर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिलाने की मांग पूर्व मंत्री के समक्ष रखी. ग्रामीणों ने बताया कि हैदरनगर और मोहम्मदगंज क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा के लिए 10 से 20 किलोमीटर दूर हुसैनाबाद जाना पड़ता है. कई गंभीर मरीजों की रास्ते में ही मौत हो जाती है. ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद केएन त्रिपाठी ने कहा कि वह स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर इस मुद्दे के समाधान का प्रयास करेंगे.
पंचायत परामर्श यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने प्रखंड और अंचल स्तर से जुड़ी समस्याओं से भी पूर्व मंत्री को अवगत कराया. सरकारी योजनाओं का लाभ, सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं. ग्रामीणों ने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं.
केएन त्रिपाठी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना. उन्होंने कहा कि पंचायत परामर्श यात्रा का उद्देश्य केवल गांवों का भ्रमण करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज को सीधे समझना और उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तथा सरकार के समक्ष मजबूती से रखना है. उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर ही उनकी वास्तविक समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है.
इस दौरान जेएसएलपीएस की महिला कर्मियों ने कम मानदेय का मुद्दा उठाया और पांच सूत्री मांग-पत्र सौंपा. महिलाओं ने बताया कि वे पिछले दस दिनों से हड़ताल पर हैं. पूर्व मंत्री ने उनसे काम पर लौटने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसी का मानदेय 10 हजार रुपये से कम नहीं होना चाहिए. उन्होंने महिलाओं की मांगों को ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष रखने और हरसंभव समाधान कराने का आश्वासन दिया.
केएन त्रिपाठी ने उपस्थित लोगों से जात-पात और ऊंच-नीच की राजनीति करने वालों को नकारने की अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को मौका दिया जाना चाहिए जो सभी वर्गों की बात करें. उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए सबको मिलकर आवाज उठानी होगी.
पूर्व मंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं से हिंदी को हटाने के सरकार के फैसले का भी विरोध किया. उन्होंने लोगों से एकजुट होकर इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया.मौके पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष गुप्तेश्वर पांडेय, समाजसेवी सज्जू खान, राजू खान, तबरेज खान, जगदीश राम समेत जेएसएलपीएस की महिला कर्मी मौजूद थीं.
