इसके बाद गम्हरिया स्थित घोड़ा बाबा मंदिर परिसर में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी उद्योग या प्रबंधन के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि जिन मजदूरों के पसीने से उद्योगों का पहिया चलता है, उनके श्रम और सम्मान का भी ख्याल रखा जाना जरूरी है।
अरविंद सिंह ने औद्योगिक क्षेत्र में 12 घंटे की शिफ्ट और कथित अमानवीय कार्य परिस्थितियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले आठ घंटे की तीन शिफ्टें चलती थीं, लेकिन अब कई जगहों पर काम के घंटे बढ़ाकर 12 घंटे तक किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दूर-दराज के इलाकों से आने वाले कई मजदूर महज 12 से 15 हजार रुपये के वेतन पर काम कर रहे हैं और 10 से 12 घंटे की ड्यूटी के दौरान उन्हें पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं मिलतीं। उन्होंने स्पष्ट कहा की उद्योग मजबूत हों, मजदूर सुरक्षित हों और श्रम का सम्मान हो।
जनसभा को मजदूर नेता शैलेश पाण्डेय, केशव मिश्र, शशी मिश्र, ओम प्रकाश मिश्रा और अजय कुमार शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन कुमार बसंत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जवाहरलाल महाली ने किया।
बाइट: अरविंद सिंह, पूर्व विधायक आदित्यपुर में मजदूरों के हक और सम्मान की आवाज बुलंद… कोल्हान सह टायो मजदूर यूनियन ने किया जोरदार प्रदर्शन
एंकर: सरायकेला जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं, बुनियादी अधिकारों और कार्यस्थल पर मानवीय सुविधाओं की मांग को लेकर यूनियन के बैनर तले सैकड़ों मजदूर सड़क पर उतरे। यूनियन के अध्यक्ष और पूर्व विधायक अरविंद सिंह के नेतृत्व में आदित्यपुर खरकई पुल से विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई। इस दौरान मजदूरों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
इसके बाद गम्हरिया स्थित घोड़ा बाबा मंदिर परिसर में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने कहा कि यह आंदोलन किसी उद्योग या प्रबंधन के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि जिन मजदूरों के पसीने से उद्योगों का पहिया चलता है, उनके श्रम और सम्मान का भी ख्याल रखा जाना जरूरी है।
अरविंद सिंह ने औद्योगिक क्षेत्र में 12 घंटे की शिफ्ट और कथित अमानवीय कार्य परिस्थितियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले आठ घंटे की तीन शिफ्टें चलती थीं, लेकिन अब कई जगहों पर काम के घंटे बढ़ाकर 12 घंटे तक किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दूर-दराज के इलाकों से आने वाले कई मजदूर महज 12 से 15 हजार रुपये के वेतन पर काम कर रहे हैं और 10 से 12 घंटे की ड्यूटी के दौरान उन्हें पर्याप्त सुविधाएं तक नहीं मिलतीं। उन्होंने स्पष्ट कहा की उद्योग मजबूत हों, मजदूर सुरक्षित हों और श्रम का सम्मान हो।
जनसभा को मजदूर नेता शैलेश पाण्डेय, केशव मिश्र, शशी मिश्र, ओम प्रकाश मिश्रा और अजय कुमार शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन कुमार बसंत ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जवाहरलाल महाली ने किया।
