हजारीबाग (HAZARIBAGH): जिले में बुधवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने अचानक दबिश देकर सनसनी फैला दी. एनआईए की केंद्रीय टीम ने बड़ा बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत हुरहुरू स्थित बाबा पथ, सुभाष बारला मार्ग में दो सगे भाइयों के आवासीय परिसरों पर एक साथ सघन छापेमारी शुरू की. सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई देशव्यापी जाली नोट (फेक इंडियन करेंसी नोट - FICN) तस्करी नेटवर्क और हवाला सिंडिकेट से जुड़े इनपुट के आधार पर की जा रही है.
मिली जानकारी के अनुसार, जिन दो भाइयों के ठिकानों पर एजेंसी ने दबिश दी है, उनकी पहचान उदय साव और प्रदीप साव के रूप में हुई है. स्थानीय लोगों और प्राथमिक सूचना के मुताबिक दोनों भाई मूल रूप से बिहार के निवासी हैं, हालांकि वे बिहार के किस जिले से ताल्लुक रखते हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है. वे लंबे समय से हुरहुरू इलाके में मकान बनाकर रह रहे हैं.
कार्रवाई के दौरान एनआईए के अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस बल भी मुस्तैद रहा. पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर आने-जाने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई. जांच टीम ने घर में मौजूद सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, जमीन-जायदाद के कागजात और संदिग्ध लेन-देन की रसीदों को अपने कब्जे में लेकर घंटों तक बारीकी से खंगाला.
सूत्रों ने बताया कि दोनों में से एक भाई के आवास पर एनआईए की पड़ताल पूरी हो चुकी है और वहां से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद एक टीम बाहर निकल गई है. वहीं, दूसरे भाई के परिसर में समाचार लिखे जाने तक एजेंसी की पूछताछ और दस्तावेजों की स्क्रूटनी लगातार जारी है. एनआईए की इस अचानक हुई दस्तक से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. फिलहाल मौके पर मौजूद जांच दल के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बना रखी है और किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है. प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि सीमा पार या अंतरराज्यीय जाली नोटों की खेप को खपाने और वित्तीय नेटवर्क से जुड़े पुख्ता सुराग मिलने के बाद ही एनआईए ने यह सीधी कार्रवाई की है. पूरी जांच समाप्त होने के बाद ही एजेंसी की ओर से जब्ती सूची और आधिकारिक खुलासा किए जाने की संभावना है.
