कोलकाता STF को भनक, दुमका पुलिस बेखबर! हंसडीहा में चल रही थी अवैध मिनी गन फैक्ट्री, छापेमारी में खुली सुरक्षा तंत्र की पोल

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Digital News Desk • September 10, 2026

दुमका (DUMKA): जिला के हंसडीहा में बुधवार देर शाम पुलिस ने एक ऐसी अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया, जिसने जिले की पुलिसिंग और खुफिया तंत्र पर ही बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. रामगढ़ मोड़ स्थित रेलवे ओवरब्रिज के समीप एक मकान में कथित तौर पर अवैध हथियार निर्माण का पूरा सेटअप चल रहा था. पुलिस की छापेमारी में हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए गए तथा मकान को सील कर दिया गया.

हंसडीहा में हथियार बनते रहे, खबर पहुंची कोलकाता STF तक!
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि हंसडीहा में कथित अवैध हथियार निर्माण की जानकारी दुमका पुलिस से पहले कोलकाता STF को मिली. कुछ दिन पूर्व कोलकाता STF ने दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था. पूछताछ के दौरान  हंसडीहा में पिस्टल और देशी तमंचे बनाए जाने की जानकारी सामने आई. इसके बाद कोलकाता STF ने झारखंड पुलिस को इसकी सूचना दी.

दुमका पुलिस की इंटेलिजेंस पर बड़ा सवाल : स्थानीय स्तर पर क्यों नहीं मिली सूचना?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि कोलकाता STF दूसरे राज्य से मिली सूचना के आधार पर हंसडीहा तक पहुंच सकती है, तो दुमका पुलिस के स्थानीय खुफिया तंत्र को इस अवैध गतिविधि की भनक क्यों नहीं लगी? रेलवे ओवरब्रिज के समीप मकान में हथियार निर्माण का कथित सेटअप तैयार था और वहां लेथ मशीन समेत कई उपकरण मौजूद थे. इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी सामने नहीं आना पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.

मकान के अंदर पहुंची पुलिस तो दिखा हथियार बनाने का पूरा इंतजाम
सूचना मिलने के बाद दुमका पुलिस ने संदिग्ध मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की. मकान के अंदर पहुंचने पर पुलिस को हथियार निर्माण से जुड़े कई उपकरण मिले. मौके से लेथ मशीन समेत अन्य मशीनरी और औजार बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल अवैध हथियार निर्माण में किए जाने की बात सामने आई है.

गांव-कस्बों में अवैध हथियार का नेटवर्क कितना गहरा?
मिनी गन फैक्ट्री का मिलना सिर्फ एक मकान तक सीमित मामला नहीं माना जा सकता. सवाल यह भी है कि यहां तैयार होने वाले हथियार कहां खपाए जाते थे और इस नेटवर्क से कौन कौन लोग जुड़े हैं? पुलिस की जांच में यदि हथियारों की सप्लाई चेन, खरीदारों और इससे जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं, तो हंसडीहा में चल रहे कथित अवैध हथियार नेटवर्क की पूरी तस्वीर साफ हो सकती है.

एसपी खुद पहुंचे हंसडीहा, कई थानों की पुलिस रही मौजूद
कार्रवाई की सूचना के बाद दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार देर शाम हंसडीहा पहुंचे और बरामद मिनी गन फैक्ट्री का बारीकी से निरीक्षण किया. मौके पर हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, थाना प्रभारी अजीत यादव, सरैयाहाट थाना प्रभारी अनुज कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार सहित कोलकाता STF की टीम मौजूद रही.

एसपी बोले : पूछताछ से मिली थी फैक्ट्री की जानकारी
दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि पुलिस को हंसडीहा में अवैध हथियार निर्माण की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली लेथ मशीन सहित कई उपकरण बरामद किए गए हैं. उन्होंने बताया कि कोलकाता STF द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के बाद हंसडीहा में अवैध हथियार फैक्ट्री संचालित होने की जानकारी मिली थी. मामले में आगे की जांच जारी है.

अब असली सवाल : कौन चला रहा था फैक्ट्री और किसकी थी संरक्षण की छतरी?
अवैध हथियार निर्माण के इस मामले में अब सिर्फ मिनी गण फैक्ट्री बरामद करने से जांच पूरी नहीं होगी. फैक्ट्री का संचालक कौन था, मकान किसका था, हथियार बनाने का कच्चा माल कहां से आता था और तैयार हथियारों की सप्लाई कहां होती थी, इन सवालों के जवाब तलाशना पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है. साथ ही यह भी जांच का विषय है कि इतने समय से कथित रूप से चल रहे इस सेटअप की स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को जानकारी क्यों नहीं मिली.

कोलकाता STF की सूचना ने खोली आंख, अब दुमका पुलिस की अग्निपरीक्षा
हंसडीहा में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा निश्चित तौर पर बड़ी कार्रवाई है, लेकिन इस कार्रवाई ने दुमका पुलिस की स्थानीय सूचना तंत्र की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब निगाह इस बात पर होगी कि पुलिस इस कथित हथियार नेटवर्क की जड़ तक पहुंचती है या कार्रवाई सिर्फ मशीनें बरामद कर फैक्ट्री सील करने तक सीमित रह जाती है.