जमशेदपुर: परिजन नहीं पहुंचे तो सामाजिक संस्था ने उठाया अस्थि विसर्जन का जिम्मा

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Digital News Desk • October 3, 2026

 जमशेदपुर में सामाजिक संस्था धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ आगे आकर इन दिवंगतों के धार्मिक संस्कार की जिम्मेदारी निभा रही है. संस्था की ओर से शनिवार को साकची स्थित गांधी घाट पर सामूहिक अस्थि विसर्जन और तर्पण का आयोजन किया गया.

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): कहते है हिन्दू धर्म में अंतिम संस्कार उनके अपने परिवार करते है लेकिन कभी कभी ऐसे हालात बन जाते हैं, जब दिवंगत व्यक्ति के अस्थि विसर्जन के लिए उनके परिजन किसी कारण से नहीं पहुंच पाते. ऐसे में जमशेदपुर में सामाजिक संस्था धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ आगे आकर इन दिवंगतों के धार्मिक संस्कार की जिम्मेदारी निभा रही है. संस्था की ओर से शनिवार को साकची स्थित गांधी घाट पर सामूहिक अस्थि विसर्जन और तर्पण का आयोजन किया गया. इस दौरान विधि-विधान के साथ दिवंगतों की अस्थियों का विसर्जन कराया गया और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया गया.

संस्था के अध्यक्ष पंडित विपिन झा ने बताया कि मोक्ष धाम में ऐसे दिवंगतों की अस्थियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाती है, जिनके परिजन किसी कारणवश अस्थि विसर्जन के लिए नहीं पहुंच पाते. निर्धारित समय के बाद संस्था की ओर से इन अस्थियों का सामूहिक रूप से विधि-विधान के साथ विसर्जन कराया जाता है. उन्होंने कहा कि कई बार आर्थिक, पारिवारिक या अन्य परिस्थितियों के कारण लोग अपने दिवंगत परिजनों के अंतिम धार्मिक संस्कार में शामिल नहीं हो पाते. ऐसे लोगों के लिए संस्था सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए यह कार्य करती है.

पंडित विपिन झा ने कहा कि जिन दिवंगतों के अपने लोग पीछे छूट गए हैं या किसी वजह से अंतिम धार्मिक संस्कार के लिए उपस्थित नहीं हो सके, उन्हें भी सम्मान के साथ धार्मिक विदाई मिलनी चाहिए. इसी उद्देश्य से यह पहल पिछले 19 वर्षों से लगातार की जा रही है. संस्था का कहना है कि अंतिम संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन और तर्पण भी महत्वपूर्ण धार्मिक प्रक्रिया है. ऐसे में जिन दिवंगतों के परिजन मौजूद नहीं हैं, उनके लिए समाज और सामाजिक संस्थाओं को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए. इस पहल के जरिए संस्था न केवल धार्मिक परंपरा को निभा रही है, बल्कि बेसहारा दिवंगतों को सम्मानजनक अंतिम विदाई भी दे रही है.

रिपोर्ट- रंजीत कुमार ओझा