JPSC, JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ भाजपा ने मंगलवार को दुमका में जोरदार प्रदर्शन किया. शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने, परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया.
यज्ञ मैदान से डीसी कार्यालय तक निकली रैली
भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेश मंडल के नेतृत्व में आयोजित आंदोलन में झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, अभयकांत प्रसाद समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए. रैली यज्ञ मैदान से शुरू होकर टीन बाजार, नीचे बाजार होते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंची.
हेमंत सरकार के खिलाफ’ गूंजते रहे नारे
डीसी कार्यालय पहुंचने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सभा को संबोधित करने के बाद भाजपा नेताओं ने उपायुक्त के नाम मांगपत्र सौंपा. इसके बाद कार्यक्रम का समापन किया गया.
बाबूलाल का आरोप, छात्रों पर फर्जी मुकदमा किया गया
सभा को संबोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट की गई. उन्होंने दावा किया कि मारपीट करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने छात्रों के खिलाफ ही फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए.
मुकदमा वापस नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज होगा
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, कथित रूप से दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और पूरे मामले की CBI जांच शुरू होने तक भाजपा का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा.
CBI जांच से भाग रही सरकार
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार CBI जांच से बचने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि यदि CBI जांच शुरू होती है तो इसकी आंच मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंच सकती है.
प्रतिभा के साथ मजाक, नौकरी बेचने का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर युवाओं की प्रतिभा के साथ मजाक किया जा रहा है और नौकरी बेचने का काम किया गया है.
CBI जांच की मांग पर गरमाई सियासत
भाजपा के इस प्रदर्शन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है. पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे की निष्पक्ष जांच जरूरी है, जबकि अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं
