गैंगस्टर से नेता बने डब्ल्यू सिंह को पलामू पुलिस ने किया जिला बदर

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Digital News Desk • July 22, 2026

पलामू प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए गैंगस्टर से राजनेता बने डब्ल्यू सिंह उर्फ गौतम सिंह को छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया है. जिला प्रशासन का मानना है कि उनकी गतिविधियां जिले में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही थीं.

पलामू (PALAMU): पलामू प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए गैंगस्टर से राजनेता बने डब्ल्यू सिंह उर्फ गौतम सिंह को छह महीने के लिए जिला बदर कर दिया है. जिला प्रशासन का मानना है कि उनकी गतिविधियां जिले में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही थीं. पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने सुनवाई के बाद यह कार्रवाई की है. जिला बदर का आदेश लागू होने के साथ ही डब्ल्यू सिंह को निर्धारित अवधि तक पलामू जिले की सीमा से बाहर रहना होगा.

पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि डब्ल्यू सिंह के खिलाफ लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि वह समर्थकों और कई वाहनों के काफिले के साथ इलाके में घूमकर लोगों के बीच अपना प्रभाव और दहशत कायम करने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने उसकी गतिविधियों का आकलन करने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को भेजी थी. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि उसकी गतिविधियां संदिग्ध थीं और इससे आम लोगों में भय का वातावरण बन रहा था.

रिपोर्ट पर सुनवाई पूरी होने के बाद उपायुक्त ने डब्ल्यू सिंह के खिलाफ छह महीने के लिए जिला बदर का आदेश जारी कर दिया. प्रशासन के अनुसार यह आदेश 21 जुलाई 2026 से 20 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगा. आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक कार्यालय को भी उपलब्ध करा दी गई है, जिसके बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. एसपी कपिल चौधरी ने स्पष्ट कहा कि जिला बदर के आदेश का पूरी सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा. यदि संबंधित व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है या निर्धारित अवधि के दौरान बिना अनुमति जिले की सीमा में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और लोगों के बीच सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है.

उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने भी पुष्टि की कि पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सुनवाई के बाद यह फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि जिला बदर की कार्रवाई का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनाए रखना है. पुलिस प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति आपराधिक गतिविधियों, भय का माहौल बनाने या कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.