घटना के बाद घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. स्थिति बिगड़ने पर उत्पाद विभाग की टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा. बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए हथियार और वाहन तक मौके पर छोड़कर भागने को मजबूर हुए. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची.
इसके बाद पुलिस ने इलाके में दोबारा छापेमारी अभियान शुरू किया. पुलिस टीम पर हुए हमले से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई में जुटी है. घटना ने शराब माफियाओं के बढ़ते मनोबल को लेकर पुलिस प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है.
