बोकारो(BOKARO): बेहतर भविष्य और सुनहरे करियर का सपना लेकर घर से निकली बोकारो की एक होनहार बेटी की जिंदगी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग में चली गई. मृतका सुरभि कुमारी जैनामोड़ के प्रसिद्ध व्यवसायी एवं विकास आटा चक्की के संचालक रमेश प्रसाद बरनवाल की पुत्री थीं. परिजनों के अनुसार सुरभि ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी. वह अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत थीं और इसी सिलसिले में टाटा कंपनी के इंटरव्यू में शामिल होने दिल्ली पहुंची थीं.
बताया जाता है कि दिल्ली पहुंचने के बाद सुरभि अपनी बड़ी बहन के घर रुकी थीं. अगले दिन वह इंटरव्यू देने मालवीय नगर स्थित होटल पहुंचीं. परिवार और सुरभि को उम्मीद थी कि यह इंटरव्यू उनके करियर के लिए एक नया अवसर साबित होगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था.
इंटरव्यू की प्रक्रिया के दौरान ही होटल में अचानक आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. होटल में मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन सुरभि इस भयावह हादसे की चपेट में आ गईं. बताया जा रहा है कि दम घुटने और आग की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई. कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद सुरभि का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव जैनामोड़ लाया गया. सुबह जब उनका शव घर पहुंचा तो पूरे इलाके में मातम छा गया.