जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): झारखंड को खनिज संपदाओं का राज्य कहा जाता है. यहां कोयला, लौह अयस्क, तांबा और यूरेनियम जैसे कई बहुमूल्य खनिज मौजूद हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांधा प्रखंड में एक ऐसा हरा खजाना छिपा है, जो न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश की तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है. यह खजाना है बेशकीमती पन्ना. गुड़ाबांधा प्रखंड के गुड़ाबांधा और बाउटिया ब्लॉक में पन्ना का विशाल भंडार है. यहां मिलने वाला पन्ना उच्च गुणवत्ता का है. बाउटिया ब्लॉक में करीब 13 वर्ग किलोमीटर और गुड़ाबांधा ब्लॉक में लगभग 25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पन्ना मौजूद है. यदि इन खदानों का वैज्ञानिक तरीके से खनन और नीलामी हो जाए तो राज्य को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है. हालांकि इसकी नीलामी अभी तक नहीं हो पाई है.
2012 में हुई थी पन्ना होने की पुष्टि
गुड़ाबांधा के पन्ना भंडार की चर्चा पहली बार 21 सितंबर 2012 को हुई थी. उस वक्त गुड़ाबांधा नक्सल प्रभावित था. एक अवैध खदान धंसने से तीन लोगों की मौत हो गई थी. जांच के दौरान प्रशासन को पता चला कि जिस खदान में हादसा हुआ, वहां चोरी-छिपे पन्ना निकाला जा रहा था. इसके बाद राज्य सरकार और विभिन्न एजेंसियों ने जांच शुरू की और पन्ना भंडार की पुष्टि हुई. हालांकि, खोज के 14 साल बाद भी यहां पन्ना खनन शुरू नहीं हो पाया है. इसकी सबसे बड़ी वजह खदान की सेल वैल्यू तय नहीं हो पाना है. इस संबंध में झारखंड राज्य खनिज विकास निगम, नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस तक ने अध्ययन किया, लेकिन नीलामी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी.
अब हो रही तस्करी
इस बीच पन्ना की अवैध खुदाई लगातार जारी रही. स्थानीय तस्करों और असामाजिक तत्वों द्वारा चोरी-छिपे पन्ना निकालने की खबरें आती रही हैं. कई गिरफ्तार भी हुए है. इसके खनन में लगे कारोबारी अवैध करोबार मालामाल हो गए है. यहां के पन्ना पत्थरों की तस्करी दिल्ली से लेकर राजस्थान तक की गई. इसका खुलासा पुलिस की जांच में हो चुका है. हाल ही में जिला खनन विभाग ने अभियान चलाकर यहां कई अवैध खदानों को ध्वस्त किया था. अब तक सरकार ने पन्ना खनन को लेकर नीलामी नहीं की है. इसके कारण इस इलाके में बड़े पैमाने पर पन्ना का अवैध खनन किया जा रहा है. अगर इसकी नीलामी हो जाती तो राज्य सरकार को भी राजस्व प्राप्त होता. लेकिन अब तक इसकी नीलामी नहीं की गई है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में है मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पन्ना की भारी मांग है. वर्तमान में भारत में कोलंबिया, जांबिया और ब्राजील से पन्ना आयात किया जाता है. बाजार में साधारण पन्ना की कीमत करीब 3 करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम है. यदि गुड़ाबांधा की पन्ना खदानों की नीलामी की जाए तो राज्य के अलावा देश की सूरत भी बदल जाएगी. स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा.