TNP DESK- 8 जून को दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की बैठक प्रस्तावित है. यह बैठक क्षेत्रीय दलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है. भाजपा के खिलाफ विपक्षी दल एक जुट होने का ताना-बाना तैयार कर सकते है. यह अलग बात है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में शुरू हुआ विपक्षी एकता का प्रयास बहुत कारगर नहीं हुआ. लेकिन अब स्थितियां पूरी तरह से बदल गई हैं. ममता बनर्जी उस समय बैठक से किनारा कर लिया था. लेकिन अब वह एक बार फिर सक्रिय हो गई हैं. यह उनकी मज़बूरी भी कही जा सकती है. महाराष्ट्र में शिवसेना में टूट हुई, उसके बाद बंगाल में तृणमूल कांग्रेस में भी टूट हो गई है.
अब ममता के हाथों निकलती जा रही तृणमूल कांग्रेस
तृणमूल कांग्रेस अब ममता बनर्जी के हाथों से निकलती जा रही है. ममता बनर्जी द्वारा निष्कासित विधायक ही उनके ऊपर भारी पड़ते दिख रहे है. वर्तमान स्थिति में कांग्रेस के क्षत्री के नीचे विपक्षी दल एकजुट हो सकते है. वजह कई बताये जाते हैं. एक तो चर्चा यह भी चल रही है कि तृणमूल कांग्रेस में फुट के बाद बागी लोकसभा में भी अपना नेता चुनने की तैयारी में लग गए हैं. अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस में अलग-अलग दिख रहे है. लोकसभा में पार्टी नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है. बंगाल के बाद दिल्ली में भी तृणमूल कांग्रेस के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लग गया है.
बंगाल में ऋतब्रत बनर्जी बन गए हैं विपक्ष के नेता
विधानसभा में 58 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता बन गए हैं. कहां जा रहा है कि तृणमूल सांसदों की भी ममता बनर्जी से दूरी बढ़ रही है. इधर, 2027 में उत्तर प्रदेश का भी चुनाव है. ऐसे तो चर्चा चल रही है कि अखिलेश यादव कांग्रेस से चुनावी गठबंधन कर सकते है. लेकिन उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर भी 8 जून को इंडिया गठबंधन की बैठक महत्वपूर्ण हो सकती है. जानकारी के अनुसार 8 जून की संभावित बैठक में 17 विपक्षी पार्टियों के शामिल होने की उम्मीद है. सभी दल एनडीए के खिलाफ अपनी भविष्य की रणनीति पर विचार कर सकते है. कहा जा सकता है कि विपक्षी दलों की यह बैक बैठक अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए बुलाई जाने वाली बैठक है.
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद क्यों चिंतित हैं विपक्षी दल
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनाव और उसके बाद के प्रदर्शन को लेकर विपक्षी दल चिंतित है. सभी दल एक दूसरे के साथ बैठक करने को मजबूर हैं. दरअसल, इस बैठक में कांग्रेस पार्टी ,ममता बनर्जी और वाम दलों के शामिल होने की उम्मीद है. अभी हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इन दलों ने एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोंका है. पश्चिम बंगाल और केरल में कांग्रेस पार्टी और वाम दलों ने एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने ममता बनर्जी के खिलाफ बहुत कुछ कहा है. कहा जा रहा है कि विपक्षी दलों का राजनीतिक अस्तित्व ही खतरे में पड़ता दिख रहा है,इस वजह से एक बार फिर सभी गोलबंद हो रहे है.